Sunday, August 2, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

नये माता-पिता बने दंपति को अपने बच्चे की नींद के बारे में पांच बातें जाननी चाहिए

admin by admin
May 31, 2025
in Featured
0

मेरा बच्चा रात को क्यों नहीं सोता? यह सबसे सामान्य और थका देने वाले सवालों में से एक है, जो नये-नये माता-पिता बने दंपति पूछते हैं।

आपने उन्हें खाना खिलाया, उनके कपड़े बदले, उन्हें झुलाया, उन्हें दुलारा, लेकिन इसके बावजूद वे फिर से जाग जाते हैं। और एक बार फिर से, और फिर से।

नवजात शिशु पूरी तरह से असहाय पैदा होते हैं – चलने, पकड़ने या अपने स्वयं के तंत्र को नियंत्रित करने में वे असमर्थ होते हैं।

शुरू से ही, वे जैविक रूप से देखभाल करने वाले के करीब रहने के लिए तैयार होते हैं तथा गर्मी, सुरक्षा, भोजन और आश्वासन के लिए आपके शरीर पर निर्भर रहते हैं।

शिशुओं की नींद, भोजन और जागने की आदतें अव्यवस्थित नहीं हैं – वे जीवित रहने के लिए डिजाइन की गई हैं।

मेरी नवीनतम पुस्तक आपको अपने बच्चे के प्रथम वर्ष के दौरान उसकी नींद के बारे में सब कुछ बताती है। लेकिन, यहां संक्षेप में बताया गया है कि शिशु की नींद के साथ वास्तव में क्या हो रहा है। क्यों ‘रात भर सोना’ अक्सर एक मिथक माना जाता है और कैसे अपने बच्चे की नैसर्गिंक जैविक स्थिति के साथ काम करना, आपको अधिक आराम करने और कम तनाव महसूस करने में मदद कर सकता है।

आइये देखें कि विज्ञान (और विकास) हमें नवजात शिशु की नींद के बारे में क्या बताता है।

1. आराम और शांति—

जन्म से ही देखने, सुनने और आवाज करने में सक्षम अन्य स्तनधारी प्राणियों के शिशुओं के विपरीत मनुष्यों के शिशुओं में मांसपेशियों की कोई ताकत नहीं होती और न ही उनके अंगों पर उनका कोई नियंत्रण होता है।

वे आपसे चिपक नहीं सकते या आपका अनुसरण नहीं कर सकते, तथा वे खुद को सुरक्षित, गर्म और भोजन के लिए पूरी तरह से अपने माता-पिता पर ही निर्भर होते हैं।

वास्तव में अधिकांश बच्चे आराम, गर्म रखने और सुरक्षा के लिए आपके शरीर के साथ शारीरिक संपर्क में रहना चाहते हैं।

उन्हें अपने सीने से चिपका कर सुलाना उन्हें शांत करने का एक अच्छा तरीका है, और आपकी छाती पर ही वह स्थान होता है जहां कई नवजात शिशु जन्म के तुरंत बाद से सोना चाहते हैं।

नये माता-पिता बनने के बाद पहले कुछ सप्ताहों या महीनों में अपने शिशु को अपनी छाती से लगाकर उसके साथ समय बिताना आम बात है, और इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

सुनिश्चित करें कि आप सीधे बैठे हों या पीछे की ओर झुके हुए हों, ताकि आपके शिशु का सिर उसके नितंब से ऊंचा हो।

अपने शिशु को क्षैतिज स्थिति में रखकर पीठ के बल न लेटें। इस स्थिति में शिशु को सांस लेने में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है।

यह सुनिश्चित करें कि आपके शिशु का सिर एक तरफ मुड़ा हुआ हो और उनकी ठोड़ी ऊपर की ओर झुकी हुई हो। यह उनकी सांस की नली को खुला रखने के लिए महत्वपूर्ण है – अगर उनकी ठोड़ी उनकी छाती पर होगी तो यह मुड़ सकती है और हवा उनके फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाएगी।

शिशु को अपने शरीर पर स्थिर रखना सुनिश्चित करें। यह न सोचें कि वे फिसलेंगे नहीं, गुरुत्वाकर्षण का प्रभाव शिशुओं पर भी पड़ता है।

अंत में, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, जागते रहें। इस स्थिति में खुद को सोने न दें। छोटे बच्चे बहुत नाजुक होते हैं और जब वे आपके ऊपर लेटे हों, तो आपको उनकी सुरक्षा पर नजर रखनी चाहिए।

2. सुरक्षित बिस्तर साझा करना—

यदि आपका शिशु स्तनपान कर रहा है तो वह दिन-रात बार-बार, प्रायः हर दो घंटे में, दूध पीयेगा। अगर आपको हर बार दूध पिलाने के लिए बिस्तर से उठना-उतरना पड़ता है तो इससे निपटना मुश्किल हो सकता है।

स्तनपान कराने वाली कई माताओं को रात के कुछ या पूरे समय के लिए अपने बिस्तर को साझा करने से रात के समय दूध पिलाने में होने वाली बाधा को कम करने में मदद मिलती है, क्योंकि आप लेटकर दूध पिला सकती हैं तथा आप और आपका शिशु दोनों जल्दी सो सकते हैं।

यदि आप बिस्तर साझा करने का निर्णय लेते हैं तो जानें कि अपने बच्चे के लिए अपने बिस्तर को यथासंभव सुरक्षित कैसे बनाएं। लुलबी ट्रस्ट, यूनिसेफ बेबी फ्रेंडली इनिशिएटिव और ला लेचे लीग सभी के पास बिस्तर साझा करने की सुरक्षा के बारे में अच्छी जानकारी है।

3. सर्केडियन चक्र—

नवजात शिशुओं में दिन-रात की कोई लय नहीं होती। गर्भाशय में वे अपनी मां के सर्कैडियन चक्र के प्रभाव में होते हैं।

जन्म के बाद, उनकी दिन-रात की लय बनने में कई महीने लग जाते हैं, और शुरुआत में वे दिन और रात में समान रूप से सोते हैं।

दिन के पहले पहर में बच्चों को दिन के उजाले में बाहर ले जाने से उनकी शारीरिक घड़ी को दिन और रात के उजाले के अनुकूल बनाने में मदद मिलती है।

4. अधिक समय तक सोना—

समय के साथ सभी बच्चे रात में थोड़ा ज्यादा समय सोने लगते हैं। इसे रात के समय में नींद का समेकन कहा जाता है, और बच्चे बड़े होने पर दूध पिलाने के बीच ज्यादा समय तक सोने लगते हैं। लेकिन बच्चे अक्सर अपने पहले वर्ष के दूसरे छह महीने में भी रात में जागते रहते हैं

न्यूजीलैंड में किए गए एक शोध अध्ययन में शामिल एक तिहाई बच्चे 12 महीने की उम्र तक कभी पूरी रात नहीं सोए थे।

5. नींद का समेकन—

जैसे-जैसे बच्चे अपनी नींद का अधिकतर हिस्सा रात में ही पूरा करने लगेंगे, वे दिन में कम सोने लगेंगे।

Tags: नये माता-पिता बने दंपति को अपने बच्चे
Previous Post

मिस इंडिया नंदिनी गुप्ता: ग्रैंड फिनाले में जो गाउन पहनूंगी वह दिव्यता और पवित्रता की प्रतीक गंगा को समर्पित

Next Post

मथुरा में कानूनगो रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Related Posts

होर्मुज में तनाव के बीच 14 भारतीय जहाज सुरक्षित निकले
Featured

रूसी सेना के साथ अब भी काम कर रहे करीब दो दर्जन भारतीय, रिहा कराने के प्रयास जारी : विदेश मंत्रालय

August 1, 2026
बिना सिर खोले ब्रेन ट्यूमर हटाया: भारतीय-अमेरिकी आर्मी सर्जन मेजर पटेल की अनोखी तकनीक
Featured

बिना सिर खोले ब्रेन ट्यूमर हटाया: भारतीय-अमेरिकी आर्मी सर्जन मेजर पटेल की अनोखी तकनीक

July 31, 2026
क्या सख्त भाषा बनाती है बेहतर लीडर? नई रिसर्च में मिला हैरान करने वाला जवाब
Featured

क्या सख्त भाषा बनाती है बेहतर लीडर? नई रिसर्च में मिला हैरान करने वाला जवाब

July 27, 2026
Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!
Featured

Origin Energy में डेटा सेंध की घटना असामान्य, लेकिन क्या डेटा को सुरक्षित रखने के तरीके मौजूद हैं!

July 24, 2026
Next Post

मथुरा में कानूनगो रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Recent Posts

अयोध्या: नगर निगम के अभियान में ठेले वाले की मौत और ठेला टूटने पर फूटा गुस्सा, बैकफुट पर प्रशासन

अयोध्या: नगर निगम के अभियान में ठेले वाले की मौत और ठेला टूटने पर फूटा गुस्सा, बैकफुट पर प्रशासन

by Atul Narain Srivastava
August 2, 2026
0

अयोध्या, अंगूरी बाग (प्राथमिक पाठशाला के समीप) में रविवार को नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा चलाए गए अभियान के...

अयोध्या में सावन के पहले सोमवार से पहले व्यवस्थाओं को लेकर पुरोहित समाज में नाराजगी, तख्त-छप्पर हटाने से उपजा आक्रोश

अयोध्या में सावन के पहले सोमवार से पहले व्यवस्थाओं को लेकर पुरोहित समाज में नाराजगी, तख्त-छप्पर हटाने से उपजा आक्रोश

by Atul Narain Srivastava
August 2, 2026
0

अयोध्या, सावन के पहले सोमवार को लेकर रामनगरी में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं, लेकिन दूसरी तरफ व्यवस्थाओं को...

Exhicon Events Media Solutions:  भारत की कुल इनडोर प्रदर्शनी क्षमता के 25% तक पहुँचीं

Exhicon Events Media Solutions: भारत की कुल इनडोर प्रदर्शनी क्षमता के 25% तक पहुँचीं

by Atul Narain Srivastava
August 2, 2026
0

अयोध्या, रुदौली की प्रसिद्ध कंपनी एग्ज़िकॉन इवेंट्स मीडिया सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अपनी वेन्यू इंफ्रास्ट्रक्चर विकास परियोजनाओं का दायरा बढ़ाकर 1,25,000...

एटा में ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, एक कांवड़िये की मौत

एटा में ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, एक कांवड़िये की मौत

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
August 2, 2026
0

एटा जिले के निकट मैनपुरी-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को तेज रफ्तार ट्रक ने...

जौनपुर में चीनी मांझे से गर्दन कटने के कारण स्कूल शिक्षक की मौत

बांदा में मंदिर परिसर में जहरीला पदार्थ खाने से प्रेमी युगल की मौत

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
August 2, 2026
0

बांदा जिले में एक युवक और युवती की कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। दोनों के...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group