Featured

दफ्तर और घर दोनों जगह से काम: (हाइब्रिड वर्क) काम और घर के बीच संतुलन कैसे बनाए रखें? दंपति ऐसे तय करें स्पष्ट दायरे

दफ्तर और घर दोनों जगह से काम करने की व्यवस्था (हाइब्रिड वर्क) ने कर्मचारियों को कई वास्तविक लाभ दिए हैं।...

Read moreDetails

फिटनेस ट्रैकिंग के पांच छिपे खतरे!, विशेषज्ञों ने क्यों किया सावधान

मोबाइल ऐप, स्मार्टवॉच और अन्य पहनने योग्य फिटनेस उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना...

Read moreDetails

AI से बने चेहरों को पहचानना अब पहले जितना आसान नहीं रहा?

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार किए गए ‘डीपफेक’ चेहरे अब इतने वास्तविक दिखने लगे हैं कि वे अक्सर...

Read moreDetails

लेखिका एना गोल्ड्सवर्दी की चेतावनी: एआई में छिपा है इंसान का ही अक्स!

संगीतकार और लेखिका एना गोल्ड्सर्दी कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अपने नए त्रैमासिक लेख में लिखती हैं, ‘जैसा कि हमें हमेशा से...

Read moreDetails

भ्रामक सूचनाओं के जाल से बचने के लिए सक्रिय रूप से पढ़ने की आदत जरूरी

यदि आप ‘जेनरेशन-जेड’ (जेन जेड) का हिस्सा हैं तो इस बात की काफी अधिक संभावना है कि समाचार और समसामयिक...

Read moreDetails

दराज में पड़े पुराने फोन और गैजेट: लोग इन्हें छोड़ने से क्यों कतराते हैं?

जरा उस आखिरी स्मार्टफोन, टैबलेट या स्मार्टवॉच के बारे में सोचिए, जिसका इस्तेमाल आपने बंद कर दिया था। संभावना है...

Read moreDetails

शराब पीने पर आपको चिप्स और नाचोज जैसे खाद्य पदार्थ खाने की इच्छा क्यों होती है?

क्या आपने कभी सोचा है कि चिप्स, नाचोज और नमकीन नट्स जैसे स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ बीयर या शराब के साथ...

Read moreDetails

कई बुजुर्ग डिजिटल दुनिया से खुद को अलग-थलग क्यों महसूस करते हैं?

डिजिटल दौर में प्रौद्योगिकी ने हमारा दैनिक जीवन काफी आसान कर दिया है। अब लोग अपने स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी...

Read moreDetails
Page 1 of 24 1 2 24

Recent Posts

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के कुछ घंटे बाद शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्न पत्र लीक के मामलों में...

राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति पर विचार

सुप्रीमकोर्ट पुलिस ज्यादती के आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर 27 जुलाई करेगा को सुनवाई

उच्चतम न्यायालय ने उन दो याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताई, जिनमें पुलिस पर...

संभल में तुर्क समुदाय के लोगों पर देवबंदी को नमाज से रोकने और सामाजिक बहिष्कार का लगा आरोप

संभल में तुर्क समुदाय के लोगों पर देवबंदी को नमाज से रोकने और सामाजिक बहिष्कार का लगा आरोप

संभल जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे और उसके परिवार को जुमे की नमाज अदा...

शाहजहांपुर: आपराधिक मामले छिपाने पर नगर पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन रद्द, चार साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

सुलतानपुर में नाबालिग के अपहरण के मामले में अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज

सुलतानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्षीय एक लड़की के कथित अपहरण के मामले में अदालत के आदेश...

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं

सूचना एवं  प्रसारण मंत्रालय ने टीवी रेटिंग नीति2026 जारी की है, जो भारत में टेलीविज़न रेटिंग को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश तय करती है। यह नीति टीवी रेटिंग सेवाएँ देने वाली एजेंसियों के पंजीकरण, संचालन, ऑडिट और निगरानी के लिए स्पष्ट मानक तय करती है, जिसका उद्देश्य दर्शक मापन में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। टीवी रेटिंग नीति 2026 ने भारत में टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए 16 जनवरी 2014 के विद्यमान दिशानिर्देश की जगह ली है। नीति के तहत किए गए प्रमुख सुधारों में शामिल हैं: नेटवर्थ की शर्त को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना; कनेक्टेड टीवी और ओटीटी  प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध टीवी चैनलों सहित कई प्लेटफॉर्म पर टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल दर्शक मापन; मीटर वाले घरों की संख्या 50,000 से बढ़ाकर 80,000 करके सैंपल साइज़ बढ़ाना; हर तीन साल में एस्टैब्लिशमेंट सर्वे; व्यूअरशिप डेटा की गणना में लैंडिंग पेज को शामिल न करना; vi, सालाना स्वतंत्र ऑडिट; और .vii नियमों का पालन न करने पर अलग-अलग स्तर का जुर्माना ढांचा। अनुशंसित सुरक्षा उपायों में क्रॉस-होल्डिंग पर रोक, एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र डायरेक्टर की ज़रूरत, हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट) की स्थिति पैदा करने वाली कंसल्टेंसी या सलाह देने वाली गतिविधियों पर रोक, सुरक्षा मंज़ूरी की आवश्यकता और रेटिंग एजेंसियों की कामकाज और संचालन संबंधी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट और पारदर्शिता की ज़िम्मेदारियाँ शामिल हैं। इस नीति के तहत, भारत में टेलीविज़न रेटिंग के कारोबार में लगी किसी भी संस्था को कुछ अतिरिक्त शर्तों का पालन करना होगा और नई पॉलिसी के तहत पंजीकरण कराना होगा। अभी तक, नई नीति के तहत...

Welcome Back!

Login to your account below

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.