Sunday, September 13, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

कम नींद दिमाग को वक्त से पहले बूढ़ा बना सकती है? नींद में बार-बार खलल! मस्तिष्क के ऊतकों की हानि

admin by admin
October 2, 2025
in Featured, देश
0

हम अपनी जिंदगी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सोने में बिताते हैं, लेकिन काम के लिहाज से निष्क्रिय अवस्था होने के बावजूद नींद वक्त की बर्बादी नहीं है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली एक सक्रिय एवं आवश्यक प्रक्रिया है।

जब नींद में बार-बार खलल पड़ता है, तो दिमाग को इसका खामियाजा भुगतान पड़ता है, जिसका असर अक्सर वर्षों बाद उभरकर सामने आता है।

एक नये अध्ययन में मैंने और मेरे सहयोगियों ने 40 से 70 साल की उम्र के 27,000 से अधिक ब्रिटिश वयस्कों की नींद की गुणवत्ता जांची और एमआरआई स्कैन के डेटा के विश्लेषण के जरिये इससे मस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया। हमने पाया कि खराब गुणवत्ता की नींद मानव मस्तिष्क को वक्त से पहले बूढ़ा बना देती है।

मस्तिष्क के वक्त से पहले बूढ़े होने का क्या मतलब है? हम सब भले ही कालानुक्रमिक रूप से एक ही रफ्तार से बूढ़े होते हैं, फिर भी कुछ लोगों के शरीर की जैविक घड़ी दूसरों के मुकाबले तेज या धीमी गति से चलती है। मस्तिष्क की जांच की बेहतर तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बदौलत शोधकर्ताओं के लिए एमआरआई स्कैन के विभिन्न पहलुओं, मसलन-मस्तिष्क के ऊतकों की हानि, कॉर्टेक्स का पतला होना और रक्त वाहिकाओं को नुकसान-के आधार पर किसी व्यक्ति के मस्तिष्क की उम्र का अंदाजा लगाना मुमकिन है।

हमारे अध्ययन में एमआरआई स्कैन से मिले 1,000 से ज्यादा ‘इमेजिंग मापदंड़ों’ का इस्तेमाल करके मस्तिष्क की उम्र का अनुमान लगाया गया। हमने पहले एक एआई मॉडल को सबसे स्वस्थ प्रतिभागियों के एमआरआई स्कैन के जरिये प्रशिक्षित किया। इनमें ऐसे लोग शामिल थे, जिन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं थी और जिनके मस्तिष्क की उम्र उनकी कालानुक्रमिक आयु से काफी मेल खाती है। एक बार जब मॉडल ने यह “समझ लिया” कि उम्र सामान्य रूप से कैसे बढ़ती है, तो हमने इसके जरिये अध्ययन में शामिल सभी प्रतिभागियों के मस्तिष्क की आयु का पता लगाया।

आपके मस्तिष्क की आयु आपकी वास्तविक उम्र से अधिक होने का मतलब यह है कि आप सामान्य रफ्तार से बूढ़े नहीं हो रहे हैं। पूर्व में हुए कई अध्ययनों में मस्तिष्क के वक्त से पहले बूढ़े होने को याददाश्त एवं तर्क शक्ति में कमी, डिमेंशिया के जोखिम में वृद्धि और यहां तक कि असामयिक मौत के खतरे में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

नींद एक जटिल प्रक्रिया है और कोई भी एक मापदंड किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता पूरी तरह से नहीं बयां कर सकता है। इसलिए, हमारे अध्ययन में हमने प्रतिभागियों की ओर से बताए गए नींद के पांच पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। पहला, किसी व्यक्ति की सोने-जगने की प्रवृत्ति। दूसरा, वह आमतौर पर कितने घंटे सोता है (सात से आठ घंटे की नींद सबसे अच्छी मानी जाती है)। तीसरा, क्या उसे अनिद्रा की शिकायत है। चौथा, क्या वह खर्राटे लेता है। और पांचवां, क्या उसे दिन के दौरान अत्यधिक नींद आती है।

ये पहलू किसी व्यक्ति में परस्पर रूप से उभर सकते हैं। मिसाल के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति को अनिद्रा की शिकायत है, तो उसे दिन के दौरान अत्यधिक नींद आने की शिकायत हो सकती है। इसी तरह, कोई व्यक्ति अगर रात में देर तक जगने का आदी है, तो उसकी नींद के घंटे कम हो सकते हैं। सभी पांच पहलुओं को ‘स्वस्थ नींद स्कोर’ में एकीकृत करके, हमने नींद की गुणवत्ता की एक अधिक व्यापक तस्वीर तैयार की।

चार से पांच पहलुओं पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों की नींद की गुणवत्ता “अच्छी” मानी जाती है। वहीं, दो से तीन पहलुओं पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों के मामले में यह “मध्यम”, जबकि एक पहलु पर अच्छे प्रदर्शन वालों या सभी पहलुओं पर खराब प्रदर्शन वालों की नींद की गुणवत्ता “खराब” समझी जाती है।

जब हमने अलग-अलग गुणवत्ता की नींद वाले लोगों के मस्तिष्क की उम्र की तुलना की, तो अंतर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। “अच्छी” गुणवत्ता वाली नींद के स्कोर में हर एक अंक की कमी के साथ, मस्तिष्क की आयु और कालानुक्रमिक उम्र के बीच का अंतर लगभग छह महीने बढ़ गया। हमने पाया कि खराब नींद वाले लोगों का मस्तिष्क उनकी कालानुक्रमिक आयु के आधार पर औसतन लगभग एक साल अधिक बूढ़ा दिखाई देता है, जबकि स्वस्थ नींद वाले लोगों में ऐसा कोई अंतर नहीं नजर आता है।

हमने नींद के पांचों पहलुओं के असर का अलग-अलग विश्लेषण भी किया। इस दौरान, हमने देखा कि रात को देर से सोने और सात घंटे से कम की नींद लेने वालों का मस्तिष्क सबसे तेजी से बूढ़ा होता है।

मस्तिष्क की उम्र और कालानुक्रमिक आयु में एक साल का अंतर सुनने में तो ज्यादा नहीं लगता है, लेकिन दिमाग की सेहत के लिहाज से यह बहुत मायने रखता है। मस्तिष्क के बूढ़े होने की रफ्तार में मामूली वृद्धि का भी लंबे समय में व्यापक प्रभाव दिख सकता है, जिसमें याददाश्त और तर्क शक्ति में कमी, डिमेंशिया और तंत्रिका तंत्र संबंधी अन्य समस्याएं शामिल हैं।

——आदत बदलना आसान——

नींद से जुड़ी आदतों को बदलना मुश्किल नहीं है। हालांकि, नींद संबंधी सभी समस्याएं आसानी से दूर नहीं होतीं, लेकिन सोने-उठने का समय निर्धारित करने तथा उसे सख्ती से अमल में लाने, कैफीन युक्त पदार्थों तथा शराब के सेवन में कमी लाने, सोने से पहले ‘स्क्रीन’ के इस्तेमाल से परहेज करने और कमरे को ठंडा बनाने तथा वहां रोशनी एवं ध्वनि का स्तर न के बराबर रखने से नींद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

——नींद की गुणवत्ता अहम क्यों——

किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता उसके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है? इसका एक कारण “सूजन” हो सकती है। विभिन्न अध्ययन दर्शाते हैं कि नींद की कमी शरीर में सूजन के स्तर को बढ़ा देती है। यह सूजन मस्तिष्क को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है, जिसमें रक्त वाहिकाओं को क्षति, विषाक्त प्रोटीन के थक्के का जमाव और मस्तिष्कीय कोशिकाओं की मृत्य दर में वृद्धि शामिल है। हमने अपने अध्ययन में पाया कि नींद और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के बीच संबंध में सूजन के स्तर का लगभग 10 फीसदी योगदान होता है।

——ग्लाइंफैटिक प्रणाली की भूमिका——

ग्लाइंफैटिक प्रणाली भी यह निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाती है कि किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता उसके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है। ग्लाइंफैटिक प्रणाली मस्तिष्क का “अपशिष्ट निपटान नेटवर्क” है, जो मुख्यतः नींद के दौरान सक्रिय होता है। जब नींद बाधित होती है या अपर्याप्त होती है, तो यह प्रणाली ठीक से काम नहीं कर पाती है, जिससे मस्तिष्क में हानिकारक पदार्थ जमा हो जाते हैं।

इसके अलावा, खराब नींद मोटापे, मधुमेह और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाती है, जो अपने आप में मस्तिष्क की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।

मस्तिष्क को बूढ़ा होने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमारा व्यवहार और जीवनशैली इसकी रफ्तार को प्रभावित कर सकती है। हमारे अध्ययन के निहितार्थ स्पष्ट हैं : मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद को प्राथमिकता देना जरूरी है।

(द कन्वरसेशन)

Tags: कम नींद दिमाग को वक्त से पहले बूढ़ा बना सकती है
Previous Post

Gaja के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे ज्यादातर जहाजों को इजराइली नौसेना ने रोका

Next Post

बहराइच: मां के साथ सो रही बच्ची को उठा ले गया जंगली जानवर, भेड़िये के हमले की आशंका

Related Posts

अंतराष्ट्रीय

India-Nepal : बाढ़ प्रभावित नेपाल में संपर्क बहाल करने के लिए भारत ने भेजे 70 मीटर बेली पुल के हिस्से

September 13, 2026
देश

पत्तल बना कैनवास : पत्तल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत BRICS नेताओं की तस्वीरें

September 13, 2026
उत्तर प्रदेश

KGMU : लखनऊ KGMU में आर्थ्रोस्कोपी कॉन्क्लेव, ‘की-होल सर्जरी’ से कम दर्द और जल्दी रिकवरी पर जोर

September 12, 2026
PM meeting with the President of the People's Republic of China, Mr. Xi Jinping on the sidelines of the 18th BRICS Summit at Bharat Mandapam, in New Delhi on September 12, 2026.
अंतराष्ट्रीय

Modi-Xi Meeting: मोदी-शी जिनपिंग की अहम बैठक, सीमा पर शांति और मतभेदों को विवाद में न बदलने पर जोर

September 12, 2026
Next Post
sanketik photo

बहराइच: मां के साथ सो रही बच्ची को उठा ले गया जंगली जानवर, भेड़िये के हमले की आशंका

Recent Posts

India-Nepal : बाढ़ प्रभावित नेपाल में संपर्क बहाल करने के लिए भारत ने भेजे 70 मीटर बेली पुल के हिस्से

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 13, 2026
0

काठमांडू, भारत ने बाढ़ प्रभावित बेत्रावती क्षेत्र में संपर्क बहाल करने में मदद के लिए 70 मीटर लंबे बेली पुल...

Mayawati : आकाश आनंद पर मायावती का बड़ा आरोप, बोलीं- अब भी अशोक सिद्धार्थ के बहकावे में

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 13, 2026
0

लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने हाल ही में पार्टी से निष्कासित किए गए अपने भतीजे आकाश...

Gonda : दो सड़क हादसों में दो लोगों की मौत, बस ने बाइक को मारी टक्कर तो नाले में गिरी पिकअप

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 13, 2026
0

गोंडा जिले में अलग-अलग हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय ने रविवार को...

पत्तल बना कैनवास : पत्तल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत BRICS नेताओं की तस्वीरें

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 13, 2026
0

(बांका, बिहार), कला के लिए कैनवास बड़ा हो, यह जरूरी नहीं, कलाकार की कल्पना बड़ी होनी चाहिए। इसी सोच को...

sanketik photo

सीतापुर: मकान में आग लगने से 11 वर्षीय लड़के की मौत, मां और बहन गंभीर रूप से झुलसीं

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
September 13, 2026
0

सीतापुर जिले के मिश्रिख क्षेत्र में रविवार को एक मकान में आग लगने के कारण 11 वर्षीय बच्चे की मौत...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group