लखनऊ, उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने पाकिस्तान में बैठे आकाओं के इशारे पर लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी जवान की लक्षित हत्या की साजिश रचने के आरोप में पंजाब के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि आरोपियों को कथित तौर पर हत्या को अंजाम देने के लिए तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था। उन्हें वारदात का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का निर्देश भी दिया गया था।
यश ने इसे एटीएस की महत्वपूर्ण कामयाबी बताते हुए कहा कि खुफिया सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे राणा भाई नामक व्यक्ति के निर्देश पर पंजाब के कुछ युवक लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी जवान की हत्या की साजिश रच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर एटीएस ने 30 अक्टूबर को लखनऊ से पंजाब के गगनदीप सिंह, रजत कुमार और कृष को गिरफ्तार किया। उनके साथ एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के पास से एक विदेशी पिस्तौल और 20 विदेशी कारतूस बरामद किए गए हैं।
यश के मुताबिक, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप के जरिए पाकिस्तान में मौजूद अपने आकाओं के संपर्क में थे। उनके निर्देश पर उन्हें लखनऊ में पुलिस या सेना के किसी जवान की हत्या करने और घटना का वीडियो बनाकर पाकिस्तान भेजने का जिम्मा सौंपा गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों को लखनऊ आने के लिए आर्थिक मदद दी गई थी और वारदात को अंजाम देने के बदले तीन लाख रुपये देने का वादा किया गया था। उन्होंने बताया कि हत्या के बाद पुलिस से बचने के लिए नेपाल भागने की योजना भी बनाई गई थी।
यश ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से संदिग्ध चैट, वीडियो और संवेदनशील प्रतिष्ठानों की टोह लेने से जुड़ी सामग्री बरामद हुई है। इसमें प्रतिष्ठानों के बारे में जानकारी जुटाने और उनके स्थान पाकिस्तान स्थित हैंडलर के साथ साझा करने से संबंधित साक्ष्य भी शामिल हैं।
यश ने कहा कि गगनदीप सिंह के खिलाफ पंजाब में शस्त्र अधिनियम के तहत पहले भी एक मामला दर्ज है।
अधिकारियों के मुताबिक, हथियार और कारतूस लखनऊ में नेटवर्क से जुड़े एक अन्य व्यक्ति ने आरोपियों को मुहैया कराए थे। पूछताछ में यह संकेत भी मिला है कि हथियार पाकिस्तान से भेजे गए थे।
यश ने कहा कि साजिश में शामिल अन्य लोगों, स्थानीय सहयोगियों, हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए एटीएस आरोपियों की पुलिस हिरासत की मांग करेगी और उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी।