चेर्नीहीव क्षेत्र (यूक्रेन), रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी शहर ओलेश्की से निकाले गए नागरिक शनिवार को बेलारूस पहुंच गए। यहां से उन्हें यूक्रेन वापस ले जाने की तैयारी की जा रही है। रूस और यूक्रेन के बीच दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में लागू अस्थायी संघर्ष-विराम के दौरान यह बड़ा मानवीय बचाव अभियान चलाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, खेरसॉन क्षेत्र में संघर्ष-विराम मंगलवार सुबह तीन बजे शुरू हुआ था और रविवार शाम तक जारी रहने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस के अनुसार, अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप की मदद से इस मानवीय पहल को संभव बनाया गया। युद्ध के बीच रूस और यूक्रेन की ओर से नागरिकों को निकालने के लिए किया गया यह दुर्लभ संयुक्त प्रयास माना जा रहा है।
नीप्रो नदी के किनारे बसे ओलेश्की में अनुमानित दो हजार लोग रह गए थे। उन्हें यूक्रेन या रूस के नियंत्रण वाले क्षेत्र में जाने अथवा भोजन और चिकित्सा सामग्री की नई आपूर्ति मिलने के बाद शहर में ही रहने का विकल्प दिया गया था। शुक्रवार को बसों के काफिले के जरिए लोगों को शहर से बाहर निकाला गया।
Están desembarcando en Gomel, Bielorusia, los civiles evacuados de Oleshki, Kherson temporalmente ocupado, durante el Alto el fuego, conforme lo pactado por Ucrania y Rusia. https://t.co/ETM5sPqHjV pic.twitter.com/oaK01uShOI
— Martin Tuitero (@TuiteroMartin) October 31, 2026
रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेन के नियंत्रण वाले क्षेत्र में जाने का विकल्प चुनने वाले लोगों को पहले रूस के अनापा शहर ले जाया गया और वहां से विमान के जरिए बेलारूस के गोमेल पहुंचाया गया। इस दौरान यूक्रेन के मानवाधिकार आयुक्त दिमित्रो लुबिनेट्स भी उनके साथ थे। गोमेल हवाई अड्डे से जारी वीडियो में लुबिनेट्स ने कहा कि वे जल्द ही घर पहुंच जाएंगे।
यूक्रेनी सांसद डेविड अराखामिया ने बताया कि नागरिकों को लेकर चार विमान बेलारूस पहुंचे हैं और यात्रियों के कुछ ही घंटों में यूक्रेन की सीमा में पहुंचने की उम्मीद है। सीमा पर उनके परिजन इंतजार कर रहे थे। वहां राहत सामग्री, कॉफी और पालतू जानवरों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। रेड क्रॉस, डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स और वर्ल्ड सेंट्रल किचन सहित कई संगठनों के स्वयंसेवक भी मौजूद थे।
इंतजार कर रहे लोगों में 19 वर्षीय लिजा पाली भी शामिल थीं। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय पहले अपने पिता को आखिरी बार देखा था। उस समय वह अपनी मां और बहन के साथ कब्जे वाले क्षेत्र से निकल गई थीं, जबकि उनके पिता वहीं रह गए थे। लिजा ने बताया कि परिवार को उम्मीद थी कि वे एक-दो महीने में लौट आएंगे, लेकिन इंतजार लंबा हो गया।
रूस की लोकपाल और प्रमुख प्रतिनिधि याना लानत्रातोवा के मुताबिक, बसों से उन लोगों को भी निकाला गया, जिन्होंने रूस में रहने का विकल्प चुना था। रूसी मीडिया ने क्रीमिया के सिम्फेरोपोल स्थित अस्थायी आवास केंद्र में नागरिकों के पहुंचने के दृश्य भी दिखाए। हालांकि, रूस और यूक्रेन दोनों ने यह नहीं बताया कि कुल कितने लोगों ने ओलेश्की छोड़ने का विकल्प चुना। मेलानिया ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि मानवीय सहायता काफिले के जरिए 750 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा सकता है।
इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अमेरिका की ओर से यूक्रेन के लिए 500 पीएसी-3 पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की आपूर्ति को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया। उन्होंने सहयोगी देशों से सर्दियों के दौरान यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अपने मौजूदा हथियार भंडार से मिसाइलें उपलब्ध कराने की अपील की। जेलेंस्की ने कहा कि नई मिसाइलों की आपूर्ति में कई साल लग सकते हैं।
जेलेंस्की के मुताबिक, रूस लगातार यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को निशाना बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अक्टूबर के पिछले दो सप्ताह में बिजली ग्रिड के महत्वपूर्ण हिस्सों पर 30 से अधिक हमले हुए। अमेरिकी प्रशासन ने शुक्रवार को पैट्रियट वायु रक्षा इंटरसेप्टर मिसाइलों की 2.1 अरब अमेरिकी डॉलर की प्रस्तावित बिक्री को मंजूरी देने की घोषणा की थी।
वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस के पश्चिमी ब्रियांस्क क्षेत्र में 30 वर्षीय महिला और 41 वर्षीय पुरुष की मौत होने की खबर है। स्थानीय गवर्नर येगोर कोवलचुक ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।