रूस और यूक्रेन के बीच साढ़े चार साल से जारी युद्ध में अब तक के सबसे महत्वपूर्ण संघर्षविराम के बीच शुक्रवार को एक मानवीय सहायता दल युद्ध से तबाह ओलेश्की शहर में पहुंचा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह युद्ध रूस द्वारा पड़ोसी देश यूक्रेन पर व्यापक हमले के साथ शुरू हुआ था। रूस के कब्जे वाले इस शहर को राहत सामग्री की खेप के साथ 25 बसें और एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गईं। मानवीय सहायता दल भोजन और दवाइयां वितरित करेगा तथा उन लोगों को क्षेत्र से बाहर निकाल सकता है, जो रूस या यूक्रेन जाना चाहते हैं।
Melania Trump-coordinated humanitarian mission in Oleshky succeeds: corridors open, aid delivered, civilians evacuated. Russian & Ukrainian Human Rights Commissioners working together send a powerful message of hope. Despite attacks by warmongers, humanity & peace will prevail!🕊️ pic.twitter.com/wkfgOvZ3kR
— Kirill Dmitriev (@kadmitriev) October 30, 2026
अधिकारियों और स्वयंसेवकों के अनुसार, रूस-यूक्रेन युद्ध से तबाह हुए इस शहर में अब भी करीब दो हजार लोग रह रहे हैं। यूक्रेन के दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र में सीमित संघर्षविराम चार दिनों से लागू है और रविवार शाम तक जारी रहने वाला है।
दोनों युद्धरत देशों ने लगभग एक जैसे बयान जारी कर कहा, ‘‘ओलेश्की छोड़ने का इच्छुक हर व्यक्ति सुरक्षित तरीके से वहां से निकल सकेगा। जो लोग वहीं रहने का फैसला करेंगे, वे रह सकते हैं और उन्हें सभी आवश्यक मानवीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस संघर्षविराम में अमेरिका ने केंद्रीय भूमिका निभाई। व्हाइट हाउस ने कहा कि इसकी मध्यस्थता प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने की थी। पोप लियो 14वें ने भी रूस और यूक्रेन के नेताओं से ओलेश्की की मदद करने की अपील की थी।
हालांकि, ओलेश्की और उसके आसपास के इलाकों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में युद्ध जारी रहा।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रातभर में यूक्रेन के एक हजार से अधिक ड्रोन मार गिराए। वहीं, यूक्रेन की वायु सेना ने कहा कि रूस ने बैलिस्टिक और अन्य मिसाइलों के साथ ही बड़ी संख्या में ड्रोन दागे।