वाराणसी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में वाराणसी-नयी दिल्ली ‘वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस नयी रेल सेवा से देश के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा।
यह ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नयी दिल्ली पहुंचेगी और इन स्टेशनों के माध्यम से आसपास के जिलों के यात्रियों को भी आधुनिक रेल सेवा का फायदा मिलेगा।
मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया था कि वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस दोनों शहरों के बीच रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराएगी।
अधिकारियों के मुताबिक यह ट्रेन वाराणसी से रात आठ बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह छह बजकर 10 मिनट पर नयी दिल्ली पहुंचेगी। यह नयी दिल्ली से रात नौ बजकर 40 मिनट पर चलेगी और अगले दिन सुबह सात बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी।
रेल मंत्रालय के मुताबिक, मौजूदा शिव गंगा एक्सप्रेस की तुलना में वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से नयी दिल्ली की यात्रा में 55 मिनट और नयी दिल्ली से वाराणसी की यात्रा में 35 मिनट कम समय लेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह सेवा सप्ताह में छह दिन उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नयी दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी।
अधिकारियों के अनुसार रात में चलने वाली इस ट्रेन से यात्री शाम को अपनी यात्रा शुरू कर अगले दिन सुबह गंतव्य तक पहुंच सकेंगे, इससे उनके समय का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
नयी सेवा से पूर्वी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच नियमित यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों, विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों और परिवारों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।