Wednesday, September 16, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

अकेले रहना चुना है? तो जान लीजिए खुशहाल जीवन जीने के पांच तरीके!

admin by admin
May 7, 2025
in Featured
0

(कनाडा), (द कन्वरसेशन) बीस और तीस वर्ष की आयु के कई लोगों का अधिकतर समय खुद को जानने-समझने और एक व्यस्क के तौर पर अपनी जीवनशैली तय करने में निकल जाता है।

इस दौरान समाज अकसर उन्हें प्यार की तलाश करने, स्थायित्व हासिल करने और परिवार शुरू करने के बारे में बताता है। इन पहलुओं को आज भी मोटे तौर पर वयस्कता और सफलता के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।

लेकिन 20 और 30 वर्ष की आयु में अकेले रहने वाले व्यक्तियों की बढ़ती संख्या के लिहाज से इसका क्या मतलब है?

इन बदलते रुझानों के बावजूद, सांस्कृतिक नजरिया रोमांटिक रिश्तों को आदर्श मानने के इर्द-गिर्द रहता है। ‘सिंगल’ रहना अभी भी अक्सर एक वैध या पूर्ण जीवन शैली के बजाय एक अस्थायी अवस्था के रूप में देखा जाता है।

एक एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में, मैं साइमन फ्रेजर यूनिवर्सिटी में ‘सिंगलहुड एक्सपीरियंस एंड कॉम्प्लिकेशन्स अंडरलाइंग रिलेशनशिप लैब’ का नेतृत्व करता हूं। मेरा शोध इस बात को समझने पर केंद्रित है कि ‘सिंगल’ और ‘कपल’ लोग कब कामयाब हो सकते हैं और खुश रह सकते हैं।

पिछले कुछ वर्षों में 20 और 30 वर्ष की आयु के एकल (सिंगल) वयस्कों के अनुभवों के बारे में मैंने जो कुछ सीखा है, वह यहां बता रहा हूं।

तेजी से आम होता जा रहा है एकल जीवन

कनाडा में 25 से 29 वर्ष के 59.8 प्रतिशत तथा 30 से 34 वर्ष के 37.6 प्रतिशत लोगों ने बताया कि वे विवाहित या सामान्य कानूनी रिश्ते में नहीं हैं।

ऐसे रिश्तों में नहीं रहने वाले 20 से 34 वर्ष के लोगों का अनुपात 1996 में 50.5 प्रतिशत था, जो बढ़कर 2021 में 60.3 प्रतिशत हो गया।

यहां तक कि जो लोग अंततः एक प्रतिबद्ध रिश्ता चाहते हैं, उनमें से कई लोग निर्णय लेने में देरी कर रहे हैं। कनाडा में विवाह की औसत आयु 1971 में 23.8 वर्ष थी, जो आठ साल बढ़कर 2020 में 31.2 वर्ष हो गई है।

ये रुझान विभिन्न कारकों को प्रतिबिंबित कर सकते हैं: करियर पर अधिक ध्यान, यात्रा को प्राथमिकता देने की इच्छा, डेटिंग में कठिनाई या वयस्कता के दौरान अकेले रहने की प्राथमिकता।

वे ऐसे लोगों की बढ़ती संख्या को भी प्रतिबिंबित कर सकते हैं जो स्वयं को ‘दिल से सिंगल’ मानते हैं और जानबूझकर सिंगल रहना चुनते हैं क्योंकि वे अपनी स्वतंत्रता और एकांत को महत्व देते हैं।

साथी बनाने का बना रहता है दबाव

20 और 30 की उम्र के बीच सिंगल रहने वाले लोगों की बढ़ती संख्या के बावजूद, साथी बनाने और घर बसाने का सामाजिक दबाव बना रहता है, फिर भले ही वे अपनी पसंद से या परिस्थिति के कारण सिंगल हों। ऐसा मुख्य रूप से इसलिए है क्योंकि हमारा समाज शादी और बच्चे पैदा करने पर बहुत ज़्यादा ध्यान देता है।

निश्चित रूप से, रोमांटिक साझेदारी और परिवार की चाहत जीवन के आम और वैध विकल्प हैं। लेकिन रोमांटिक रिश्तों को ऊपर रखना अकेलेपन पर भारी पड़ सकता है।

अकेले लोगों को अक्सर अधूरा समझा जाता है, क्योंकि उनके पास कोई साथी नहीं होता। मैंने अपने सहकर्मियों के साथ मिलकर एक शोध अध्ययन किया, जिससे पता चला कि अकेले लोग अक्सर खुद को अलग-थलग, उपेक्षित और अकेले होने के कारण दया का पात्र महसूस करते हैं, जो उनके लिए नुकसानदेह होता है। उन्हें नकारात्मक रूढ़िवादी विचारों का भी सामना करना पड़ सकता है।

ये सांस्कृतिक विमर्श सिर्फ समाज से उत्पन्न नहीं होते – सिंगल लोग भी इन्हें आत्मसात कर लेते हैं, जिसके नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं।

एक सफल सिंगल व्यक्ति कैसे बनें?

रोमांटिक रिश्तों के महत्व के बारे में सामाजिक विचारों का सामना करने के बावजूद, एकल लोग कैसे खुशहाल, सुरक्षित व संतोषजनक जीवन जी सकते हैं?

इस सवाल का जवाब ढूंढने के लिए, मेरे सहकर्मियों और मैंने सिंगलहुड पर मौजूदा साहित्य की समीक्षा की ताकि यह बेहतर ढंग से समझा जा सके कि सिंगल व्यक्ति कब बेहतर जीवन जी रहे हैं और कब सफल हो रहे हैं। हमने पाया कि, एक ओर कुछ सिंगल लोग अकेले रहने और साथी की इच्छा से जूझते हैं, वहीं कई लोग खुश और सफल हैं।

खुशहाल एकल जीवन से जुड़े कुछ कारक इस प्रकार हैं:

1. खुद के साथ सुरक्षित महसूस करना। जो सिंगल लोग सुरक्षित हैं और करीबी रिश्तों पर भरोसा करने और उन पर निर्भर रहने में सहज महसूस करते हैं, वे सबसे खुश सिंगल व्यक्तियों में शामिल होते हैं। ऐसे लोग अपना जीवन संतुष्ट बताते हैं। सुरक्षित ‘सिंगल्स’ रोमांटिक साझेदारी के विचार के प्रति खुला रुख रखते हैं, लेकिन सिंगल होने पर भी खुश और सहज होते हैं।

2. सहायक मित्रता रखना। अकेले लोग अपनी दोस्ती को ‘पार्टनर’ वाले लोगों की तुलना में ज्यादा महत्व देते हैं। जो अकेले लोग अपनी दोस्ती में निवेश करते हैं, उन्हें लगता है कि वे किसी के साथ हैं, उनका आत्म-सम्मान बढ़ा है और वे अपनी सिंगल स्थिति से ज़्यादा खुश हैं।

3. अंतरंगता की अपनी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होना। सिंगल लोगों में भी यौन और अंतरंगता की जरूरतें होती हैं। शोध से पता चलता है कि जब सिंगल वयस्क इन ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम होते हैं, तो वे सिंगल रहकर ज़्यादा खुश रहते हैं और उनमें रोमांटिक रिश्तों की इच्छा कम होती है।

4. उम्रदराज होना। जैसे-जैसे लोग 40 की उम्र के करीब पहुंचते हैं, वे एकल रहने में खुश रहते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि मध्य आयु में एकल लोग अपने एकाकी जीवन में निवेश करना सीख जाते हैं और सामाजिक अपेक्षाओं के अनुरूप ढलने का दबाव महसूस करने की संभावना कम होती है।

5. स्वतंत्रता, मौज-मस्ती और रचनात्मकता को प्राथमिकता देने वाले मूल्यों को अपनाना। शोध से पता चलता है कि जो एकल लोग व्यक्तिगत रूप से स्वतंत्रता, मौज-मस्ती और रचनात्मकता को महत्व देते हैं, वे अधिक खुश रहते हैं।

20 और 30 की उम्र में सिंगल रहना लोगों के लिए अपने आत्म-विकास, करियर, आकांक्षाओं व परिवार, दोस्तों व समुदाय के साथ संबंधों पर ध्यान केंद्रित करने का एक प्रमुख समय हो सकता है। ये एक खुशहाल जीवन के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं – चाहे लोग अपना जीवन अकेले जीयें या साथी चुनें।

Tags: तो जान लीजिए खुशहाल जीवन जीने के पांच तरीके!
Previous Post

शोध छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का दोषी IIT रूड़की का प्रोफेसर बर्खास्त

Next Post

Indian Embassy ने China के अखबार से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले संदेशों की पुष्टि करने को कहा

Related Posts

Featured

AI की रफ्तार धीमी करने पर एकजुट हुए दिग्गज, Dario Amodei के प्रस्ताव से Sam Altman और Elon Musk भी सहमत

September 16, 2026
Featured

उम्र बढ़ने पर याददाश्त क्यों कमजोर होती है? बुजुर्गों के दिमाग में यादें मिटती नहीं, गड़बड़ी पर नया खुलासा

September 15, 2026
Featured

क्या बिल्ली-कुत्ते को भी हो सकता है बर्ड फ्लू? H5 वायरस से पालतू जानवरों को ऐसे बचाएं

September 14, 2026
Featured

AI News: एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई की चेतावनी, 6-12 महीने में AI इंटरनेट पर कर सकता है बड़ा नियंत्रण; विकास धीमा करने की अपील

September 13, 2026
Next Post

Indian Embassy ने China के अखबार से सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले संदेशों की पुष्टि करने को कहा

Recent Posts

अयोध्या जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में विनय कुशवाहा की तस्वीर लगाकर सम्मान, 18 बार रक्तदान और 8 बार प्लेटलेट्स दान

by Atul Narain Srivastava
September 16, 2026
0

अयोध्या, जिला चिकित्सालय अयोध्या के ब्लड बैंक में नियमित रक्तदान और प्लेटलेट्स दान के क्षेत्र में योगदान देने वाले रक्तदाता विनय...

सपा ने 6 जिलों में नियुक्त किए नए जिलाध्यक्ष, अयोध्या में जय सिंह को मिली जिम्मेदारी; देखें पूरी लिस्ट

by Atul Narain Srivastava
September 16, 2026
0

लखनऊ, समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के छह जिलों में नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष...

स्मिता सहाय श्रीवास्तव साहित्य गौरव सम्मान

अयोध्या: हिंदी दिवस पर स्मिता सहाय श्रीवास्तव को मिला ‘साहित्य गौरव सम्मान 2026’, पत्रकारिता और समाजसेवा के लिए हुईं सम्मानित

by Atul Narain Srivastava
September 16, 2026
0

अयोध्या, हिंदी दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय वैदिक रामायण एवं शोध संस्थान, तुलसी स्मारक भवन अयोध्या में हिंदी प्रचार-प्रसार सेवा संस्थान...

अयोध्या के रुदौली में दिव्यांग बच्चों का उपकरण मापन कैंप, 174 बच्चों ने लिया हिस्सा; 146 बच्चों को 245 उपकरणों के लिए किया चिन्हित

by Atul Narain Srivastava
September 16, 2026
0

अयोध्या, ब्लॉक संसाधन केंद्र रुदौली में बुधवार को दिव्यांग बच्चों के लिए उपकरण मापन कैंप का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी...

UP के 57 हजार से ज्यादा पंचायत सहायकों को बड़ी सौगात, मानदेय में 50% बढ़ोतरी; अब मिलेंगे ₹9 हजार, आंदोलन समाप्त

by Atul Narain Srivastava
September 16, 2026
0

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के 57 हजार से अधिक पंचायत सहायकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group