बरेली जिले में पुलिस ने मंगलवार को कॉल सेंटर की आड़ में कथित तौर पर नकली यौन शक्ति वर्द्धक दवाओं की ऑनलाइन बिक्री करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य खुद को डॉक्टर और हकीम बताकर ग्राहकों को दवाएं बेचते थे।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर क्षेत्र) मानुष पारीक ने बताया कि पुलिस ने कॉल सेंटर की आड़ में मर्दाना ताकत की नकली दवाएं बेचे जाने की सूचना पर मंगलवार को इज्जतनगर थाना क्षेत्र के राजीव एन्क्लेव स्थित एक मकान पर छापा मारा था। उन्होंने बताया कि मौके पर एक व्यक्ति कंप्यूटर पर काम कर रहा था, जबकि दूसरा खाली कैप्सूल में पाउडर भरकर उन्हें पैक कर रहा था।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मौके से समीरुद्दीन (24) और यूसुफ (25) को गिरफ्तार किया जबकि यूसुफ का भाई इलियास खान मौके से फरार हो गया।
पारीक के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सहारनपुर और मुरादाबाद के खुले बाजारों से सस्ता पाउडर और कच्चा माल खरीदते थे और इंस्टाग्राम पर ‘हर्बल एंड जड़ीबूटी’ नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर विज्ञापन चलाए जाते थे जिनमें पुरुषों की यौन कमजोरी दूर करने का दावा किया जाता था।
उन्होंने बताया कि आठवीं पास समीरुद्दीन डॉक्टर बनकर ग्राहकों से बातचीत करता और ऑनलाइन ऑर्डर बुक करता था। पुलिस का कहना है कि ग्राहकों से 250 से 300 रुपये या उससे अधिक की रकम यूपीआई के जरिए बैंक खातों में मंगाई जाती थी और दवाएं पार्सल से भेजी जाती थीं।
पारीक ने बताया कि गिरोह ने कार्रवाई से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस भी तैयार कराया था। पुलिस के अनुसार, गिरोह करीब एक साल से सक्रिय था और पार्सल के जरिये देशभर में नकली दवाओं की आपूर्ति कर रहा था।
उन्होंने बताया कि छापे के दौरान छह कंप्यूटर, आठ मॉनिटर, एक लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक स्कैनर, 12 मोबाइल फोन, कथित नकली दवाओं के 85 पैकेट, पैकिंग सामग्री, फर्जी लाइसेंस, छह चेकबुक, 14 एटीएम कार्ड और 1.99 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
पारीक ने बताया कि आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है तथा पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और आपूर्तिकर्ताओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।