लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव के नामांकन को लेकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि राज्यसभा चुनाव में सामने आए राजनीतिक समीकरण आगामी विधानसभा चुनाव के परिणाम का संकेत दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एक बार फिर “80-20” की लड़ाई शुरू हो गई है और 80 प्रतिशत लोग राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ हैं, जबकि 20 प्रतिशत पीडीए के साथ हैं।
लखनऊ के जीपीओ स्थित पटेल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित सेवा ज्योति यात्रा ‘विकसित भारत संकल्प सभा’ को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री को इस उपलब्धि पर बधाई दी। इसी दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन को लेकर आगामी विधानसभा चुनाव की तस्वीर का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के नामांकन से यह संकेत मिल गया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में क्या परिणाम होने वाला है। उन्होंने कहा कि “80-20 की लड़ाई फिर से शुरू हो गई है” और दावा किया कि 80 प्रतिशत लोग राजग के साथ हैं, जबकि 20 प्रतिशत पीडीए के साथ हैं। उन्होंने पीडीए के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की।
योगी आदित्यनाथ का यह बयान उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया की तस्वीर साफ होने के बाद आया है। भाजपा ने आठ उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने दो उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए हैं। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के बाद फिलहाल सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की स्थिति बन गई है।
भाजपा की ओर से धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्या सागर सोनकर, प्रियंका सिंह रावत, राधाकांत ओझा, गोपी कृष्ण पांडे और राम प्रताप सिंह चौहान ने नामांकन दाखिल किया है। वहीं सपा की ओर से वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी उम्मीदवार हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पहले तीसरा उम्मीदवार उतारने के संकेत दिए थे। हालांकि नामांकन की अंतिम तारीख पर उन्होंने तीसरा प्रत्याशी नहीं उतारा और कहा कि पार्टी का ध्यान राज्यसभा की तीन सीटों पर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। सपा के इस फैसले के बाद राज्यसभा की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन का रास्ता साफ हुआ है, बशर्ते नामांकन जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया में कोई बदलाव न हो।
उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनाव 16 अक्टूबर को प्रस्तावित है। मौजूदा स्थिति में भाजपा के आठ और सपा के दो उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है। औपचारिक परिणाम नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे।