मऊ जिले में 5 अक्टूबर को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ मार्च को लेकर पुलिस ने आठ राजनीतिक कार्यकर्ताओं समेत 200 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार मार्च के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी की गई, पुतला फूंकने का प्रयास हुआ और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली गई।
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के मुताबिक समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से आयोजित मार्च सोनीधापा मैदान से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक गया था। इसी दौरान कुछ स्थानों पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
पुलिस की शिकायत के अनुसार, मार्च के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर भड़काऊ और आपत्तिजनक नारे लगाए। आजमगढ़ तिराहे के पास कुछ लोग निर्वाचन आयोग से संबंधित पुतला लेकर पहुंचे और उसे आग लगाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर पुतला कब्जे में ले लिया। पुलिस का दावा है कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं।
पुलिस के मुताबिक गाजीपुर तिराहे और कलेक्ट्रेट परिसर में भी पुतला फूंकने का प्रयास किया गया। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया। प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस की ओर से मना किए जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे।
मामले में नामजद आरोपियों में मयंक पांडे, अजय यादव उर्फ प्रियंशु, शाहनवाज आलम, रवि प्रकाश, अखिलेश भारती, देवेंद्र पांडे उर्फ सत्यम, आशीष यादव और उमाशंकर उर्फ सोनू पंडित के नाम शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान मौजूद अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए मार्च से जुड़े वीडियो फुटेज, फोटो, सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक व भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।