केंद्र सरकार ने आरटीई नियमों में बड़ा बदलाव किया है। कक्षा 5वीं व 8वीं के लिए नो-डिटेंशन पॉलिसी खत्म हो गई है। अब स्कूलों को परीक्षा में छात्रों को फेल करने की अनुमति होगी। नए नियमों के तहत जो भी स्टूडेंट्स कक्षा 5 से 8 की वार्षिक परीक्षा में फेल होते हैं, उन्हें अगली कक्षा के लिए प्रमोट नहीं किया जाएगा।
The Union Education Ministry has taken a big decision and abolished the 'No Detention Policy'.
Students who fail the annual examination in classes 5 and 8 will be failed. Failed students will have a chance to retake the test within two months, but if they fail again, they will… pic.twitter.com/MK8MC1iJ0a
— DD News (@DDNewslive) December 23, 2024
फेल हुए छात्रों को दो महीने के भीतर पुनः परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी। यदि वे इसमें भी पास नहीं होते हैं तो उन्हें प्रमोट भी नहीं किया जाएगा। स्कूलों को कक्षा 8वीं तक ऐसे विद्यार्थियों को एक्सपेल करने की अनुमति नहीं होगी। शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने बताया कि यह कि सरकार ने यह फैसला बच्चों के बीच शिक्षा स्तर को सुधारने के लिए उठाया है।
नए नियम केन्द्रीय विद्यालयों, प्राइवेट स्कूलों, शासकीय स्कूलों, नवोदय और सैनिक स्कूलों पर तत्काल प्रभाव लागू होंगे। बट्ट दें कि वर्ष 2019 में आरटीईए के संशोधन के बाद गुजरात, कर्नाटक, झारखंड,दिल्ली, मध्यप्रदेश समेत 16 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश पहले ही नो डिटेंशन पॉलिसी को खत्म कर दिया है। अब केंद्र सरकार ने भी आदेश जारी कर दिया है।
साल 2010 से 2011 से में कक्षा 5वीं से 8वीं के लिए बोर्ड परीक्षा खत्म कर दी गई है। फेल होने पर भी छात्रों को अगली कक्षा में भेज दिया जाता था। लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय ने शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर को देखते हुए नियमों में संशोधन करने का निर्णय लिया है। इससे कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।


