भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो शुक्रवार को उत्तरी अरब सागर में अपहृत लाइबेरिया के ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज एमवी लीला नॉरफोक पर उतर गए हैं और पोत के निरीक्षण का अभियान जारी है। नौसेना के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
नौसेना ने एमवी लीला नॉरफोक के अपहरण के बाद उसका पता लगाने के लिये एक युद्धपोत, समुद्री गश्ती विमान पी-8आई और लंबी दूरी के ‘प्रीडेटर एमक्यू9बी ड्रोन’ को तैनात किया था। माना जा रहा है कि जहाज के चालक दल में एक दर्जन से ज्यादा भारतीय सदस्य हैं।
नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत आईएनएस चेन्नई को उसके समुद्री डकैती रोधी गश्त से हटा दिया गया था और इसने अपराह्न सवा तीन बजे उत्तरी अरब सागर में अपहृत जहाज को रोक लिया।
अधिकारियों ने कहा कि जहाज को समुद्री गश्ती विमान पी-8आई और प्रीडेटर एमक्यू9बी ड्रोन का उपयोग करके निरंतर निगरानी में रखा गया था।
एक अधिकारी ने कहा, “मिशन पर तैनात युद्धपोत पर मौजूद भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो वाणिज्यिक जहाज पर चढ़ गए और निरीक्षण अभियान शुरू कर दिया है।”
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बृहस्पतिवार को मालवाहक जहाज ‘एमवी लीला नॉरफोक’ के अपहरण की घटना की सूचना दी थी। यूकेएमटीओ, एक ब्रिटिश सैन्य संगठन है, जो रणनीतिक जलमार्गों में विभिन्न जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखता है।
इससे पहले नौसेना ने कहा था कि क्षेत्र की अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति पर “करीबी नजर” रखी जा रही है।
नौसेना ने कहा कि घटनाक्रम पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए उसने समुद्री गश्त शुरू की और जहाज की सहायता के लिए समुद्री सुरक्षा संचालन के लिए तैनात आईएनएस चेन्नई का मार्ग परिवर्तित कर दिया।


