अयोध्या, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने कृष्णापुर-खानपुर रसूलाबाद में पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के आवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और व्यास पीठ का पूजन कर संतों का आशीर्वाद लिया।
धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के साथ ही अखिलेश यादव ने अयोध्या की राजनीति को लेकर ऐसा बयान दिया, जिससे आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई।
आज अखिलेश यादव जी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती दे डाली।
अखिलेश जी ने अयोध्या पहुंचकर आगामी चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री जी की चुटकी ले ली और कहा कि बड़े बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतना ही आश्वस्त हैं
तो अयोध्या से खुद चुनाव लड़कर दिखाएं।😀
एक तो अभी… pic.twitter.com/gKUykTE345
— MANISH YADAV लालू (@ManishPDA) October 8, 2026
अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर यहां की स्थिति को लेकर इतने आश्वस्त हैं तो उन्हें खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए। अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर अयोध्या विधानसभा सीट की चुनावी राजनीति से जुड़ा माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की ओर से पवन पांडेय को अयोध्या विधानसभा सीट से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद भाजपा लगातार सर्वे करा रही है। उन्होंने दावा किया कि इन सर्वे में भाजपा पीछे दिखाई दे रही है और अयोध्या में भाजपा को नया प्रत्याशी खोजने में परेशानी हो रही है। हालांकि सर्वे को लेकर अखिलेश यादव की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
भागवत कथा के मंच से अखिलेश यादव ने धार्मिक और राजनीतिक दोनों मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली है और यहां हरिभक्त मिलकर जय राधेश्याम का उद्घोष कर रहे हैं। उन्होंने राम और कृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके लिए प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण एक ही आस्था के स्वरूप हैं। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मन और मनोबल को मजबूत करने का काम करती है।
अखिलेश यादव ने सत्ता और सरकारी एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने भगवान कृष्ण के सुदर्शन चक्र का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल सज्जनों की रक्षा के लिए होना चाहिए, डर पैदा करने के लिए नहीं। उन्होंने सत्ता से जुड़े अधिकारियों और एजेंसियों के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए।
सपा अध्यक्ष ने अयोध्या के विकास को लेकर अपनी पार्टी की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर अयोध्या के विकास को गति दी जाएगी और विकास का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। उन्होंने अयोध्या की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की बात भी कही।
अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए अपनी पार्टी के चुनावी वादे को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर प्रदेश की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
अखिलेश यादव का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अयोध्या विधानसभा सीट पर सपा पहले ही पवन पांडेय को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। ऐसे में पार्टी अध्यक्ष का पवन पांडेय के धार्मिक आयोजन में शामिल होना और उसी मंच से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती देना स्थानीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।