अयोध्या, स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रामनगरी में 13 और 14 अगस्त को अलग-अलग तिरंगा यात्राओं के माध्यम से देशभक्ति का संदेश दिया गया। पत्रकारों, मीडिया कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों की सहभागिता से निकली इन यात्राओं में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया।
13 अगस्त को गांधी पार्क से लता चौक तक निकाली गई तिरंगा यात्रा का शुभारंभ सामूहिक राष्ट्रगान और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार विमलेश तिवारी को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और यात्रा आगे बढ़ी।
यात्रा में भारत माता, महात्मा गांधी, रानी लक्ष्मीबाई, सुभाष चंद्र बोस, भगत सिंह, मंगल पांडे और डॉ. भीमराव आंबेडकर की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। विभिन्न चौराहों पर झांकियों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और देशभक्ति का माहौल बना।
यात्रा के दौरान एक एंबुलेंस यातायात में फंस गई। स्थिति को देखते हुए पत्रकारों और अन्य लोगों ने तत्काल रास्ता खाली कराया और एंबुलेंस को आगे जाने में सहयोग दिया। इस पहल को पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदना के उदाहरण के रूप में देखा गया।
वहीं 14 अगस्त को सहादतगंज से लता मंगेशकर चौक तक करीब 13 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा का विभिन्न स्थानों पर जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने स्वागत किया।
यात्रा के दौरान पत्रकारों और मीडिया कर्मियों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति का संदेश दिया। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर विधायक, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और पत्रकारों ने यात्रा का स्वागत किया।
सहादतगंज में पूर्व सांसद लल्लू सिंह, सिविल लाइन में रुदौली विधायक रामचंद्र यादव, रिकाबगंज चौराहे पर अयोध्या विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने यात्रा का स्वागत किया। इसके अलावा पत्रकार चौराहा, नियावां, खवासपुरा और साहबगंज में भी यात्रा का स्वागत किया गया।
दोनों दिनों के आयोजनों के दौरान अयोध्या पुलिस ने भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए। रामपथ की एक लेन को यातायात के लिए खाली रखा गया, ताकि यात्रा के साथ आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो।
अयोध्या में निकली इन तिरंगा यात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभक्ति, सामाजिक एकजुटता और मानवीय संवेदना का संदेश दिया।










