भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्लामाबाद के ‘‘बर्बर’’ बल प्रयोग की जांच करने और इन ‘‘अत्याचारों’’ के लिए उसे जवाबदेह ठहराने की अंतरराष्ट्रीय समुदाय से शुक्रवार को अपील की।
खबरों के मुताबिक, पीओजेके में स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान 27 जुलाई से सुरक्षा बलों की कार्रवाई में करीब 40 लोग मारे गए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान पीओजेके में शांतिप्रिय नागरिकों के खिलाफ ‘‘बर्बरता से बल प्रयोग’’ कर रहा है।
MEA on PoJK : “…Facing a violent regime, the people (there) have requested international organizations for an independent investigation into the unlawful killings.
We urge that the international community should scrutinize Pakistan’s actions and hold it accountable for its… pic.twitter.com/zk8u6gmrzQ— Kadambini Sharma (@SharmaKadambini) July 31, 2026
पीओजेके में पिछले महीने से ही जीवन-यापन के बढ़ते खर्च, प्रशासन की कथित लापरवाही और अल्पसंख्यकों के साथ राजनीतिक भेदभाव तथा उन पर अत्याचार को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (जेएएसी) इन विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही है।
जायसवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस कार्रवाई के कारण 40 से अधिक आम नागरिकों की मौत हुई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘पीओजेके के निर्दोष लोगों के प्रति बेरूखी उस वक्त स्पष्ट हो गई, जब रक्षा मंत्री ने विरोध कर रहे आम लोगों को दुश्मन करार दिया।
जायसवाल ने कहा, ‘‘इसके अलावा, राजनीतिक मामलों के लिए प्रधानमंत्री के विशेष सहायक ने स्वीकार किया कि जिन मुजाहिदीन को पाकिस्तानी सेना ने प्रशिक्षण दिया, हथियार मुहैया कराए और भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए भेजा, वे अब उन्हीं हथियारों का इस्तेमाल देश के खिलाफ कर रहे हैं।’’
जायसवाल ने कहा कि ये ‘‘तथाकथित’’ चुनाव पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान की ‘‘शर्मनाक अस्वीकृति’’ हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हिंसक शासन का सामना कर रहे लोगों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से गैर-कानूनी हत्याओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जायसवाल ने कहा, ‘‘हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की गतिविधियों की जांच करने और उसे उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील करते हैं।










