Lucknow, पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को बैंक कर्मचारियों ने काला बैज लगाकर काम किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर लखनऊ में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया।
स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर फोरम के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने धरना दिया, जबकि शाम को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
यूएफबीयू के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने सहित अन्य मुद्दों का शीघ्र समाधान किया जाना चाहिए। फोरम का आरोप है कि मांगों के समाधान में देरी के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
स्टेट स्तरीय धरने में फोरम के सात घटकों से जुड़े बैंक नेताओं ने हिस्सा लिया। धरने और प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।
UFBU के घोषित कार्यक्रम के अनुसार 22 सितंबर को बैंक कर्मचारियों से काला बैज पहनकर काम करने का आह्वान किया गया था। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। संगठन के आधिकारिक कार्यक्रम में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का भी उल्लेख है, यदि लंबित मुद्दों का समाधान नहीं होता है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना शामिल है। इसके अलावा यूनियनें अन्य सेवा संबंधी मुद्दों को लेकर भी सरकार और बैंकिंग प्रबंधन के समक्ष अपनी मांगें रख रही हैं।
इस बीच वित्त मंत्रालय ने 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल से बचने और लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने की अपील की है। मंत्रालय के मुताबिक यूनियनों की कई मांगों पर पहले ही प्रगति हुई है, जबकि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह का मुद्दा अभी विचाराधीन है।
यदि 28 से 30 सितंबर की प्रस्तावित हड़ताल होती है तो 26 सितंबर के दूसरे शनिवार और 27 सितंबर के रविवार के कारण बैंक शाखाओं में लगातार पांच दिनों तक सामान्य कामकाज प्रभावित होने की संभावना है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग, एटीएम और यूपीआई जैसी सेवाओं की उपलब्धता संबंधित बैंकों की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।