Monday, July 27, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों; जबकि इनके अस्वास्थ्यकर होने के पर्याप्त प्रमाण, बेचा जाता है कि उनकी लत लगे? जाने!!

ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360 by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
May 1, 2026
in Featured, अंतराष्ट्रीय, देश
0
अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों; जबकि इनके अस्वास्थ्यकर होने के पर्याप्त प्रमाण, बेचा जाता है कि उनकी लत लगे? जाने!!

अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों—जैसे सॉफ्ट ड्रिंक, स्नैक्स और रेडी-टू-ईट भोजन—का वैश्विक स्तर पर उपभोग बढ़ रहा है, जबकि इनके अस्वास्थ्यकर होने के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं।

अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (यूपीएफ) सुपरमार्केट की पैकेज्ड खाद्य वस्तुओं का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा हैं तथा सुविधा स्टोरों में यह अनुपात और अधिक है।

नए शोध में बताया गया है कि इन उत्पादों को बनाने वाली कंपनियां मानव व्यवहार और मनोविज्ञान का उपयोग कर इन्हें सबसे आसान, आकर्षक और संतोषजनक विकल्प के रूप में पेश करती हैं।

अध्ययन के अनुसार, यूपीएफ इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि लोग उन्हें खाने की इच्छा करें और अधिक मात्रा में उनका सेवन करें। इनका विपणन सभी वर्गों, विशेषकर बच्चों को ध्यान में रखकर किया जाता है, जिससे ये स्वादिष्ट, सुविधाजनक और किफायती विकल्प प्रतीत होते हैं, भले ही इनके स्वास्थ्य पर कई दुष्प्रभाव हों।

शोध में कहा गया है कि लोगों का यूपीएफ की ओर आकर्षण संयोग नहीं है, बल्कि कंपनियां खपत बढ़ाने के लिए कई रणनीतियों का इस्तेमाल करती हैं, जो मानव सोच, भावनाओं और व्यवहार का फायदा उठाती हैं।

चिकित्सा पत्रिका ‘द लैंसेट’ के अनुसार, यूपीएफ अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ होते हैं, जो सस्ते अवयवों से तैयार किए जाते हैं और इनमें कई प्रकार के एडिटिव्स मिलाए जाते हैं, जबकि अंतिम उत्पाद में वास्तविक खाद्य सामग्री बहुत कम या न के बराबर होती है।

इन खाद्य पदार्थों की व्यापक ब्रांडिंग और विपणन किया जाता है तथा अधिकतर उत्पाद बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा बनाए जाते हैं।

यूपीएफ से भरपूर आहार मोटापा, टाइप-2 मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, कैंसर, क्रोनिक किडनी रोग और अवसाद जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम के साथ ही समय से पहले मृत्यु का खतरा भी बढ़ाता है।

शोध में यह समझने की कोशिश की गई कि लोग इन खतरों को जानते हुए भी यूपीएफ का अधिक सेवन क्यों करते हैं। इसके लिए शोधकर्ताओं ने पिछले एक दशक के अध्ययनों की समीक्षा की और ‘कैजुअल लूप डायग्राम’ के माध्यम से इस प्रणाली को समझाया, जो यह दर्शाते हैं कि कैसे विभिन्न कारक मिलकर यूपीएफ की खपत बढ़ाते हैं।

अध्ययन में पाया गया कि इन उत्पादों में परिष्कृत कार्बोहाइड्रेट और वसा का ऐसा संयोजन किया जाता है, जो शरीर और मस्तिष्क के ‘रिवॉर्ड सिस्टम’ को सक्रिय कर लत जैसा प्रभाव पैदा करता है।

इसके अलावा, प्रसंस्करण के ऐसे तरीके अपनाए जाते हैं जो पेट भरने के प्राकृतिक संकेत को दबाते हैं या पाचन को तेज करते हैं, जिससे तुरंत संतुष्टि मिलती है लेकिन वह जल्दी खत्म हो जाती है और व्यक्ति फिर से खाने की इच्छा करता है।

विपणन के स्तर पर इन उत्पादों को आसानी से संग्रहित और उपयोग योग्य बनाया जाता है तथा इन्हें ‘पैसे की पूरी कीमत’ देने वाला विकल्प बताया जाता है। बच्चों को आकर्षित करने के लिए लोकप्रिय संस्कृति, मनोरंजन और ‘मज़ेदार’ छवि का उपयोग किया जाता है।

शोध में यह भी बताया गया है कि कंपनियां उपभोक्ताओं की खरीदारी और ऑनलाइन व्यवहार से जुड़े डेटा का व्यापक विश्लेषण कर लक्षित डिजिटल विज्ञापन तैयार करती हैं, जिससे बिक्री और बढ़ती है।

कुल मिलाकर, शोध में 11 ऐसे तंत्रों (फीडबैक लूप्स) की पहचान की गई है, जो लोगों को अधिक यूपीएफ खरीदने और खाने के लिए प्रेरित करते हैं तथा स्वस्थ विकल्पों को पीछे धकेलते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, अस्वास्थ्यकर आहार और अधिक वजन न्यूजीलैंड में रोकी जा सकने वाली समयपूर्व मृत्यु और विकलांगता के लगभग 18 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार हैं, और ये दोनों जोखिम कारक यूपीएफ के अधिक सेवन से जुड़े हैं।

अध्ययन में कहा गया है कि यूपीएफ से भरपूर आहार केवल व्यक्तिगत पसंद या इच्छाशक्ति की कमी का परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित प्रणाली का नतीजा है।

विशेषज्ञों ने सरकारों से आग्रह किया है कि वे इन उत्पादों पर नियंत्रण के लिए सख्त नीतियां अपनाएं, जैसे कर लगाना, बच्चों को लक्षित विज्ञापनों पर रोक, स्पष्ट लेबलिंग और नीति निर्माण में पारदर्शिता।

शोध के अनुसार, खाद्य प्रणाली में संतुलन लाना जरूरी है, ताकि वह वर्तमान और भविष्य में लोगों के स्वास्थ्य के अनुकूल हो सके।

(द कन्वरसेशन)

Tags: क्या अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों
Previous Post

बलिया में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोप में प्राथमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक गिरफ्तार

Next Post

अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों की 167 कन्या का हुआ सामूहिक विवाह, मिली 85 हजार की सहायता

Related Posts

बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल के आरोप में कांस्टेबल निलंबित
देश

बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल के आरोप में कांस्टेबल निलंबित

July 27, 2026
संसद के शीतकालीन सत्र की आज से होगी शुरुआत
देश

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध

July 27, 2026
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल, प्रधानमंत्री मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई टास्क फोर्स
देश

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल, प्रधानमंत्री मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई टास्क फोर्स

July 27, 2026
भारत से सटे नेपाल के सुनसरी में बवाल, सांप्रदायिक झड़प में एक की मौत, निषेधाज्ञा लागू
अंतराष्ट्रीय

भारत से सटे नेपाल के सुनसरी में बवाल, सांप्रदायिक झड़प में एक की मौत, निषेधाज्ञा लागू

July 27, 2026
Next Post
अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों की 167 कन्या का हुआ सामूहिक विवाह, मिली 85 हजार की सहायता

अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों की 167 कन्या का हुआ सामूहिक विवाह, मिली 85 हजार की सहायता

Recent Posts

बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल के आरोप में कांस्टेबल निलंबित

बिहार में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल के आरोप में कांस्टेबल निलंबित

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 27, 2026
0

बिहार के सीवान जिले में 25 जुलाई को छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर एके-47 राइफल का इस्तेमाल करने...

लखनऊ में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म मामले में बुजुर्ग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

लखनऊ में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म मामले में बुजुर्ग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 27, 2026
0

राजधानी लखनऊ के पीजीआई थाना इलाके में एक नाबालिग किशोरी के साथ कथित दुष्कर्म के मामले में एक बुजुर्ग समेत...

संसद के शीतकालीन सत्र की आज से होगी शुरुआत

लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पेश, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर विपक्ष का विरोध

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 27, 2026
0

सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विषय पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच प्रश्नपत्र लीक...

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल, प्रधानमंत्री मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई टास्क फोर्स

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल, प्रधानमंत्री मोदी ने नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में बनाई टास्क फोर्स

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 27, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में सुधार के लिए इन्फोसिस के...

हापुड़: STF लखनऊ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, एक लाख का इनामी बदमाश दबोचा

हापुड़: STF लखनऊ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, एक लाख का इनामी बदमाश दबोचा

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 27, 2026
0

हापुड़, उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने रविवार सुबह हापुड़ ज़िले के पिलखुवा क्षेत्र से एक लाख रुपये...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group