मेघालय में हनीमून के दौरान पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार सोनम रघुवंशी और उसके चार अन्य साथियों को शिलांग की एक अदालत ने बुधवार को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोनम को मंगलवार देर रात पूर्वोत्तर राज्य लाया गया, जबकि चार अन्य को ट्रांजिट रिमांड पर बुधवार को यहां लाया गया।
पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘पुलिस ने सभी आरोपियों की 10 दिन की रिमांड का अनुरोध किया था। अदालत ने आठ दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की।’’
इंदौर निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी पत्नी सोनम (24) के साथ हनीमून मनाने मेघालय आये थे और इसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया।
सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके साथियों को राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने में कथित भूमिका के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से गिरफ्तार किया गया।
अधिकारी ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोहरा में अपराध स्थल पर घटना की कड़ियां जोड़ने और अपराध का दृश्य दोहराने के लिए आरोपियों की पुलिस हिरासत का अनुरोध किया था।
राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को मेघालय के सोहरा इलाके में हनीमून मनाने के दौरान लापता हो गए थे। राजा का शव दो जून को एक खड्ड में मिला था।
मेघालय में हनीमून के दौरान मारे गए इंदौर निवासी राजा रघुवंशी से उसकी पत्नी सोनम ने कहा था कि वह गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद ही उसके साथ शारीरिक संबंधों के जरिए विवाह को परिपूर्ण करेगी। जांचकर्ताओं ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि तदनुसार, राजा ने हनीमून के लिए गुवाहाटी और निकटवर्ती मेघालय की यात्रा की योजना बनाई, जबकि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने पूर्वोत्तर राज्य के जंगलों में इसके दूरदराज होने की वजह से कथित तौर पर उसकी (राजा की) हत्या की साजिश रची।
जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘सोनम ने अपने पति राजा को इस बात के लिए राजी किया कि शारीरिक संबंधों के जरिए शादी को परिपूर्ण करने से पहले उन्हें कामाख्या देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
सोनम और राजा की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को असम के गुवाहाटी होते हुए मेघालय पहुंचे थे। वे दोनों 23 मई को पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा में नोंग्रियात गांव में एक होमस्टे से बाहर जाने के कुछ ही घंटों बाद लापता हो गए थे।
राजा का शव दो जून को मेघालय में वेइसाडोंग जलप्रपात के निकट एक घाटी में मिला था। वहीं, सोनम की तलाश जारी रही, जो नौ जून की सुबह लगभग 1,200 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में सामने आई और आत्मसमर्पण कर दिया, क्योंकि पुलिस ने उसके प्रेमी राज कुशवाह और राजा की हत्या के लिए उसके द्वारा भाड़े पर लिए गए तीन हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया था।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सोनम ने अपने पति को नोंग्रियात के घने जंगलों में चलने के लिए मजबूर किया, क्योंकि उसे विश्वास था कि उसके द्वारा नियुक्त हत्यारों के पास रास्ते में कहीं उसे मारने का बेहतर मौका होगा, क्योंकि वह एकांत जगह है। लेकिन, चूंकि 22 और 23 मई को नोंग्रियात में बहुत से पर्यटक ट्रेकिंग के लिए आए थे, इसलिए वे उसे वहां नहीं मार सके।
उन्होंने कहा, ‘‘आखिरकार उन्होंने उसे ‘वेइसाडोंग फॉल्स’ के पास मार डाला और उसके शव को गहरी खाई में फेंक दिया। जांच की निगरानी कर रहे पूर्वी खासी हिल्स के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने पीटीआई-भाषा को बताया कि दंपति के पूर्वोत्तर पहुंचने के एक दिन बाद हत्यारे 21 मई को गुवाहाटी पहुंचे।
उन्होंने बताया कि हत्यारों ने गुवाहाटी में होटल के बाहर से एक धारदार हथियार खरीदा और फिर सड़क मार्ग से शिलांग पहुंचे। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने सीसीटीवी साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं, जिससे यह जांच बहुत पुख्ता हो गई है।’’
उन्होंने कहा कि हत्या के दिन सोनम पूरे दिन अपने प्रेमी राज के संपर्क में थी, जबकि राज ने तीनों हत्यारों के साथ समन्वय स्थापित किया था। अधिकारी ने कहा, ‘‘राजा की हत्या के समय सोनम वहां मौजूद थी।’’ उन्होंने बताया कि अपराध के बाद वह भाग गई।
उन्होंने कहा, ‘‘उसने मॉकडोक से शिलांग तक टैक्सी ली और फिर पकड़े जाने से बचने के लिए कई रेलगाड़ियों में चढ़ने से पहले गुवाहाटी तक एक पर्यटक टैक्सी किराए पर ली। हालांकि उसका दावा है कि वह सीधे इंदौर पहुंची थी, लेकिन इसकी पुष्टि अभी की जानी है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘हम सोनम के इस दावे की भी पुष्टि कर रहे हैं कि वह पहले कभी मेघालय नहीं आई। एसआईटी पुख्ता आरोपपत्र दाखिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सोनम, उसके प्रेमी राज और तीन संदिग्ध हत्यारों – विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत तथा आनंद कुर्मी को शिलांग की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।


