कनाडा में हाल ही में संपन्न आम चुनावों में न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (NDP) के प्रमुख जगमीत सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा है। ब्रिटिश कोलंबिया की बर्नबी सेंट्रल सीट से चुनाव लड़ रहे जगमीत सिंह को लिबरल पार्टी के उम्मीदवार वेड चांग ने बड़े अंतर से शिकस्त दी।
वेड चांग को जहां 40% से अधिक वोट मिले, वहीं जगमीत सिंह को केवल 27% वोटों पर ही संतोष करना पड़ा।
ट्रंप की कनाडा के अमेरिका में विलय की धमकियों और व्यापार युद्ध ने लिबरल पार्टी की इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
शुरुआती रुझानों के आधार पर अनुमान जताया गया कि लिबरल पार्टी संसद की 343 सीट में से कंजर्वेटिव पार्टी से ज्यादा सीट जीतेगी। यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि लिबरल पार्टी को पूर्ण बहुमत मिलेगा या नहीं।
चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, शुरुआत में कनाडा में माहौल लिबरल पार्टी के समर्थन में नहीं दिख रहा था लेकिन ट्रंप ने कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की कई बार बात की और उसके तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर संबोधित किया। उन्होंने कनाडा पर जवाबी शुल्क भी लगाए। ट्रंप के इन कदमों से कनाडा की जनता में आक्रोश बढ़ गया और राष्ट्रवाद की भावना प्रबल होने के कारण लिबरल पार्टी को जीतने में मदद मिली।
चुनाव में हार के बाद जगमीत सिंह ने NDP प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया है। यह उनकी लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ने की कोशिश थी, लेकिन इस बार जनता का समर्थन उनके साथ नहीं रहा। हार के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा की मैं जानता हूं कि यह रात न्यू डेमोक्रेट्स के लिए निराशाजनक है।
लेकिन हम तभी हारते हैं जब हम उन लोगों पर विश्वास करते हैं जो हमें बताते हैं कि हम कभी भी बेहतर कनाडा का सपना नहीं देख सकते हैं। 46 वर्षीय सिंह ने कहा कि वह निराश जरूर हैं, लेकिन अपनी पार्टी और आंदोलन से उनका विश्वास खत्म नहीं हुआ है।
इस चुनाव में NDP को महज 7 सीटें ही हासिल हुई हैं, जबकि राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा बनाए रखने के लिए कम से कम 12 सीटें जरूरी होती हैं। पिछली बार NDP को 24 सीटें मिली थीं, जिससे वह एक महत्वपूर्ण विपक्षी दल की भूमिका निभा रही थी और जस्टिन ट्रूडो की लिबरल सरकार को समर्थन दे रही थी। लेकिन इस बार पार्टी का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा।
कनाडा में हुए आम चुनावों में लिबरल पार्टी ने लगातार चौथी बार बहुमत हासिल किया है। मार्क कार्नी को देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया है। गौरतलब है कि जनवरी 2025 में जस्टिन ट्रूडो ने पार्टी नेतृत्व और प्रधानमंत्री पद दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद मार्क कार्नी ने पार्टी की कमान संभाली और अब वे प्रधानमंत्री बन गए हैं।
जगमीत सिंह भारतीय मूल के कनाडाई नेता हैं, जिनका जन्म पंजाब के बरनाला जिले के ठीकरिवाल गांव में हुआ था। उनका परिवार 1970 के दशक में कनाडा चला गया था। राजनीति में आने से पहले वे एक पेशेवर वकील थे।
हालांकि, जगमीत सिंह पर भारत विरोधी बयानबाज़ी और खालिस्तान समर्थकों को प्रोत्साहित करने के आरोप लगते रहे हैं। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों और भारत के नागरिकता कानून के खिलाफ मुखर रहे हैं।


