Saturday, August 1, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

विधायक अब्बास अंसारी को गैंगस्टर अधिनियम मामले में सुप्रीमकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत, कासगंज जेल से रिहाई का रास्ता साफ

admin by admin
March 7, 2025
in उत्तर प्रदेश, क्राइम
0

नयी दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को विधायक अब्बास अंसारी को राज्य के गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में छह सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास में रहने का निर्देश दिया और कहा कि उन्हें मऊ में अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने से पहले प्राधिकारियों से अनुमति लेनी होगी।

गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत से अंतरिम जमानत मिलने से अंसारी की कासगंज जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है, क्योंकि उन्हें उनके खिलाफ दर्ज अन्य सभी आपराधिक मामलों में पहले ही जमानत दी जा चुकी है।

पीठ ने अंसारी से कहा कि वह अदालत की पूर्व अनुमति के बिना उत्तर प्रदेश न छोड़ें और अदालतों में पेश होने से एक दिन पहले पुलिस अधिकारियों को सूचित करें।

शीर्ष अदालत ने लंबित मामलों पर सार्वजनिक रूप से बोलने पर रोक लगाते हुए अंसारी द्वारा जमानत शर्तों का अनुपालन किए जाने के संबंध में पुलिस से छह सप्ताह में स्थिति रिपोर्ट मांगी।

अदालत ने कहा कि अंसारी को मामले की सुनवाई कर रही चित्रकूट सत्र अदालत में जमानत बांड पेश करने की शर्त पर जेल से रिहा किया जाना चाहिए।

अंसारी को अन्य आपराधिक मामलों में चार नवंबर 2022 को हिरासत में लिया गया था, लेकिन उन्हें छह सितंबर 2024 को गैंगस्टर अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था। पीठ ने कहा कि उन्हें गैंगस्टर अधिनियम के मामले को छोड़कर सभी आपराधिक मामलों में जमानत दे दी गई थी।

अंसारी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष गैंगस्टर अधिनियम के तहत उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया था, लेकिन पुलिस को यह स्वतंत्रता दी थी कि यदि उनके खिलाफ सबूत हों, तो वह अन्य प्राथमिकी दर्ज कर सकती है।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली और पिछली प्राथमिकी में मौजूद बातों को ही बरकरार रखा।

सिब्बल ने कहा, ‘‘समय-समय पर अदालतों ने या तो अंसारी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया या उन्हें उन पर दर्ज मामलों में जमानत दे दी। इससे पता चलता है कि राज्य सरकार ने अंसारी के खिलाफ किस स्तर का मुकदमा चलाया।

पीठ ने कहा कि आपराधिक मामलों में जमानत देने का मतलब यह नहीं है कि अभियोजन पक्ष ने अपना काम ठीक से नहीं किया।

सिब्बल ने कहा कि उत्तर प्रदेश गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामले में कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है और केवल पुलिसकर्मी आधिकारिक गवाह हैं, जिन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा खारिज की गई प्राथमिकी में कही गई कहानी के समान ही कहानी दोहराई। उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में गवाहों, जो पुलिसकर्मी हैं, को प्रभावित करने या धमकाने का कोई सवाल ही नहीं है।

सिब्बल ने अंसारी की ओर से जवाब दिया, ‘‘मैं जेल के अंदर हूं और मुझे पता है कि अगर मैंने मामले से जुड़े किसी भी पुलिसकर्मी को धमकी दी तो क्या होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने अंसारी की जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि मामले में अभियोजन पक्ष के दो-तीन गवाहों से जिरह होने तक उन्हें कम से कम बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा सकती। पीठ ने पूछा कि वह कितने समय तक हिरासत में रह सकते हैं।

उसने कहा, ‘‘एक तरफ, अदालत अभियोजन पक्ष पर मुकदमे में तेजी लाने के लिए दबाव नहीं डालना चाहती। मामले की जल्दबाजी में सुनवाई करने से अक्सर पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता। हमें हितों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत है। सिब्बल ने कहा कि अंसारी राष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज रह चुके हैं।

न्यायमूर्ति सूर्य कांत ने मजाकिया लहजे में सिब्बल से कहा कि आपराधिक मामले में उनका बखान न करें, अन्यथा इसका कुछ और मतलब हो सकता है।

अंसारी ने 31 जनवरी को मुठभेड़ के डर से गैंगस्टर अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में निचली अदालत की कार्यवाही में डिजिटल रूप से उपस्थित होने का आग्रह किया था।

उन्होंने कहा था कि वह कासगंज की जेल से डिजिटल तरीके से अदालत में पेश हो रहे थे, लेकिन बाद में यह सुविधा बंद कर दी गई।

शीर्ष अदालत ने अंसारी की जमानत याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा था। उसने इस आधार पर डिजिटल सुनवाई का अनुरोध अस्वीकार कर दिया था कि याचिका में कोई निवेदन नहीं किया गया है और सिब्बल से याचिका के साथ उच्च न्यायालय का रुख करने को कहा था।

पिछले साल 18 दिसंबर को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस मामले में अंसारी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

अंसारी, नवनीत सचान, नियाज अंसारी, फराज खान और शाहबाज आलम खान के खिलाफ उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 की धारा दो और तीन के तहत चित्रकूट जिले के कोतवाली कर्वी थाने में 31 अगस्त 2024 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इन लोगों पर जबरन वसूली और मारपीट का आरोप है।

Tags: कासगंज जेल से रिहाई का रास्ता साफसुप्रीमकोर्ट ने दी अंतरिम जमानत
Previous Post

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने छह करोड़ रुपये में अवैध जमीन खरीदी? मंदिर के पुजारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज!?

Next Post

अयोध्या: महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा की प्रथम सलाहकार समिति की हुई बैठक

Related Posts

भोजपुर मुठभेड़ मामला: भारत भूषण तिवारी को पहली गोली मारने का आरोपी STF सिपाही अक्षय कुमार गिरफ्तार
क्राइम

भोजपुर मुठभेड़ मामला: भारत भूषण तिवारी को पहली गोली मारने का आरोपी STF सिपाही अक्षय कुमार गिरफ्तार

July 31, 2026
उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आएगी ‘सम्मान निधि’
उत्तर प्रदेश

PM-Kisan Scheme: मंत्रिमंडल ने पांच साल बढ़ाने को दी मंजूरी, 3.15 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

July 31, 2026
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2025: लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित
उत्तर प्रदेश

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती 2025: लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित

July 31, 2026
सुलतानपुर में पर्यटकों को वाराणसी से अयोध्या जा रही एक क्रूज़र गाड़ी टायर फटने से दुर्घटनाग्रस्त, 14 यात्री घायल
अयोध्या

सुलतानपुर में पर्यटकों को वाराणसी से अयोध्या जा रही एक क्रूज़र गाड़ी टायर फटने से दुर्घटनाग्रस्त, 14 यात्री घायल

July 31, 2026
Next Post

अयोध्या: महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा की प्रथम सलाहकार समिति की हुई बैठक

Recent Posts

Video, POK में गृहयुद्ध जैसे हालात: कत्लेआम, रक्षामंत्री ने प्रदर्शनकारियों को बताया ‘भारत जैसा दुश्मन’, सस्ती बिजली-आटे की मांग पर रावलकोट में बरसाईं गोलियां

PoJK में पाकिस्तान की ‘बर्बरता’ : भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जांच की अपील

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 31, 2026
0

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ इस्लामाबाद के ‘‘बर्बर’’ बल प्रयोग की जांच...

Declassified: Operation Sindoor,  स्वतंत्रता दिवस पर Operation Sindoor’ को अंजाम देने वालों की ज़ुबानी; Discovery India

Declassified: Operation Sindoor, स्वतंत्रता दिवस पर Operation Sindoor’ को अंजाम देने वालों की ज़ुबानी; Discovery India

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 31, 2026
0

डिस्कवरी चैनल ने शुक्रवार को दो भाग में विभाजित वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) ‘‘डिक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’’ की घोषणा की है, जिसके तहत...

भोजपुर मुठभेड़ मामला: भारत भूषण तिवारी को पहली गोली मारने का आरोपी STF सिपाही अक्षय कुमार गिरफ्तार

भोजपुर मुठभेड़ मामला: भारत भूषण तिवारी को पहली गोली मारने का आरोपी STF सिपाही अक्षय कुमार गिरफ्तार

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 31, 2026
0

आरा, भोजपुर जिले में कथित मुठभेड़ के दौरान भारत भूषण तिवारी की मौत के मामले में करीब 45 दिन बाद...

उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आएगी ‘सम्मान निधि’

PM-Kisan Scheme: मंत्रिमंडल ने पांच साल बढ़ाने को दी मंजूरी, 3.15 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 31, 2026
0

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को किसानों को वित्तीय सहायता देने के लिए अगले पांच वर्षों यानी वित्त वर्ष 2030-31 तक...

Spain, Morocco  Ceuta Border Rush: सेउटा में 60000 लोग हुए दाखिल, सीमा उल्लंघन के बाद कम से कम 34 की मौत

Spain, Morocco Ceuta Border Rush: सेउटा में 60000 लोग हुए दाखिल, सीमा उल्लंघन के बाद कम से कम 34 की मौत

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 31, 2026
0

सेउटा, पिछले 24 घंटों में मोरक्को से लगभग 60,000 प्रवासी स्पेन के सेउटा में दाखिल हुए हैं। सेउटा के प्रशासनिक...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group