यरूशलम, इजराइल सरकार ने कहा कि शनिवार को एक ड्रोन ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आवास को निशाना बनाया। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। इस बीच, पिछले वर्ष सात अक्टूबर के घातक हमले के मास्टरमाइंड के मारे जाने के बाद लेबनान में हिज्बुल्ला और गाजा में हमास के साथ इजराइल की लड़ाई में विराम का कोई संकेत नहीं दिखा।
इजराइल सरकार ने कहा कि लेबनान की ओर से रॉकेट दागे जाने के मद्देनजर शनिवार सुबह इजराइल में सायरन बज उठा और इसके साथ ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सैसरिया स्थित आवास की ओर ड्रोन से हमला किया गया।
प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने एक बयान में बताया कि प्रधानमंत्री आवास पर जिस समय यह हमला किया गया तब न तो नेतन्याहू और न ही उनकी पत्नी वहां मौजूद थीं। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। हिज्बुल्ला ने ड्रोन हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन कहा कि उसने उत्तरी और मध्य इजरायल पर कई रॉकेट हमले किए। यह हमला ऐसे समय हुआ जब इस महीने की शुरुआत में ईरान द्वारा किए गए हमले का इजराइल की ओर से जवाब देने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।
इस बीच, इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह पर कम से कम तीन हवाई हमले किए, जहां हिज्बुल्ला के कार्यालय हैं।
The attempt by Iran’s proxy Hezbollah to assassinate me and my wife today was a grave mistake.
This will not deter me or the State of Israel from continuing our just war against our enemies in order to secure our future.
I say to Iran and its proxies in its axis of evil:…
— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) October 19, 2024
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के आवास पर हमला करने के बाद, पीएम नेतन्याहू ने पलटवार कि उन्हें युद्ध जीतने से कोई नहीं रोक सकता। पीएम नेतन्याहू ने कहा, हम ईरान के अन्य आतंकवादी छद्म के साथ अपनी लड़ाई जारी रख रहे हैं।
इस्राइली प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, ईरान के प्रॉक्सी हिजबुल्ला ने मेरी और मेरी पत्नी की हत्या का प्रयास करके गंभीर गलती की है। उनका यह प्रयास मुझे और इस्राइल को उसका भविष्य सुरक्षित रखने को लेकर हमारे दुश्मनों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने से रोक नहीं सकते।
नेतन्याहू ने लिखा, मैं ईरान और उसकी बुराई की धुरी में मौजूद उसके प्रतिनिधियों से कहना चाहता हूं कि जो भी इस्राइल के नागरिकों को नुकसान पहुंचाएगा उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, गाजा में इजराइली सेना ने फलस्तीनी क्षेत्र के उत्तरी हिस्से में अस्पतालों को निशाना बनाया, और हमलों में 24 घंटे से भी कम समय में बच्चों सहित 50 से अधिक लोग मारे गए। लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला को ईरान का समर्थन प्राप्त है।
हिज्बुल्ला ने शुक्रवार को कहा था कि वह इजराइल में और अधिक निर्देशित मिसाइलों तथा विस्फोटक ड्रोन से हमला कर लड़ाई का एक नया चरण शुरू करने की योजना बना रहा है। दरअसल, इजराइल द्वारा सितंबर के अंत में किए गए हवाई हमले में हिजबुल्ला का प्रमुख नेता हसन नसरल्ला मारा गया था, जिसके बाद इजराइल ने अक्टूबर की शुरुआत में लेबनान में अपनी सेना भेज दी थी।
दूसरी ओर, इजराइल का गाजा में हमास के साथ भी युद्ध जारी है। इजराइल के सैनिकों ने बृहस्पतिवार को हमास के शीर्ष नेता याह्या सिनवार को मार गिराया जिसके बाद से दोनों के बीच युद्ध थमने की संभावना न के बराबर लग रही हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शुक्रवार को कहा था कि सिनवार की मौत एक दुखद क्षति है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि सिनवार से पहले फलस्तीन के कई नेताओं के मारे जाने के बाद भी हमास अपना अभियान जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा था, ‘‘हमास जिंदा है और जिंदा रहेगा।


