अयोध्या, रूदौली तहसील क्षेत्र से होकर निकली शारदा सहायक नहर इस समय सूखी पड़ी हुई है नहर में पानी की जगह धूल उड़ रही है जिससे किसान धान की नर्सरी नहीं डाल पा रहे हैं।
सिंचाई विभाग की मानें तो नहरों में पानी छोड़ने का रोस्टर प्रणाली लागू है।रोस्टर के अनुसार निश्चित समय तक ही पानी की आपूर्ति की जाएगी। शारदा सहायक नहर के किनारे के किसानों की मुख्य फसल धान है लेकिन नहर में जरूरत के समय पानी की आपूर्ति नहीं होने से किसानों को धान की खेती करने में काफी समस्या हो रही है।
नहरों में उड़ रही धूल से खेत में लगाने वाली धान की नर्सरी किसान नही लगा पा रहे। पतले और ज्यादा दिन लेने वाले धान के रोपाई भी प्रभावित होगी और इसका असर धान की पैदावार पर पड़ेगा।
नहर की सिंचाई पर निर्भर किसान नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे।नहर और माइनर के पास के तालाब में पानी भरने का इंतजार करने वाले ग्रामीणों में इससे आक्रोश हैं।
तहसील रुदौली में दोहरी शारदा सहायक नहर लोहटी सरैया से होती हुई तहसील मिल्कीपुर और इसी शाखा की एकल नहर जमुनियामऊ ऐहार होते हुए तहसील सोहावल की सुचिता गंज बाजार से अयोध्या की तरफ चली जाती है। इन दोनों नहरों के साथ साथ इससे निकली दर्जनों माइनरो से भी बालू और हवा में धूल उड़ रही है।
बनगावां के जितेंद्र कुमार यादव ,मोहम्मद नाजिम, फिरोजपुर मखदूमि के राज किशोर सिंह, हरिहरपुर बलैया के पूर्व बीडीसी मोहम्मद असलम खान, भेलसर गांव के मास्टर अबुजर, शाह नेवाज, मोहम्मद अहमद आदि किसान धान की नर्सरी लगाने के लिए काफी चिंतित हैं नहर में उड़ रही धूल को लेकर काफी चिंतित हैं और नहर में पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।


