बलिया जिला मुख्यालय की शहर कोतवाली पुलिस ने छोटी मठिया के भूमि विवाद संबंधी पत्रावली गायब होने के मामले में नगर मजिस्ट्रेट के पेशकार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ), नगर, गौरव कुमार ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट इंद्रकांत द्विवेदी की तहरीर पर सोमवार को पेशकार उपेंद्र कुमार चौरसिया के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक उल्लंघन) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है।
सीओ ने बताया कि नगर मजिस्ट्रेट ने तहरीर में आरोप लगाया है कि बलिया शहर के मौजा नेउरी बिगही में सत्यदेव बनाम सुरेश कुमार आदि का मामला न्यायालय में चल रहा है। यह मामला छोटी मठिया के भूमि विवाद से संबंधित है। 17 अगस्त 2023 को वादी महंत सत्यदेव की ओर से मुआयना कराने के लिए पत्रावली मांगी गई तो पेशकार उपेंद्र कुमार चौरसिया ने बताया कि पत्रावली तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार निस्तारण के लिए आवास पर ले गए थे। स्थानांतरण के बाद वह अपने साथ पत्रावली लेकर चले गए। प्रदीप कुमार का स्थानांतरण दो दिसंबर 2022 को हुआ था, जबकि उपेंद्र कुमार चौरसिया 17 अगस्त 2023 के पहले तक मुकदमे की पत्रावली पर हस्ताक्षर कराकर तिथि नोट कराते रहे। इससे स्पष्ट है कि इस वाद की पत्रावली तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार के स्थानांतरण के बाद भी 17 अगस्त 2023 के पहले तक न्यायालय में रही है।
कुमार ने बताया कि तहरीर में द्विवेदी ने आरोप लगाया है कि यह पत्रावली 17 अगस्त 2023 के बाद पेशकार चौरसिया ने गायब की है। उन्होंने कहा कि अपना अपराध छिपाने के लिए उसने तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट का नाम लिया, जो कि पूर्णतया असत्य है। पत्रावलियों के रखरखाव एवं उसकी अभिरक्षा की पूरी जिम्मेदारी चौरसिया की है। कुमार ने कहा कि चौरसिया ने पत्रावली गायब होने की जानकारी उच्चाधिकारी को नहीं दी और वादी को तारीख देते रहे।
अधिकारी ने बताया कि चौरसिया ने पत्रावली गायब कर जानबूझ कर विपक्षी से अनुचित लाभ लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।


