शिव भक्तों का कल सबसे बड़ा त्योहार शिवरात्रि है। इस दिन शिवभक्त भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहते है। भगवान भोलेनाथ को समर्पित शिवरात्रि का पर्व सभी के जीवन में सुख समृद्धि प्रदान करता है। देश-दुनिया में इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। महाशिवरात्रि का धार्मिक महत्व भी है, सनातन धर्म में इसकी किस तरह महिमा बताई गई है।
महाशिवरात्रि की सही डेट क्या है?
महाशिवरात्रि की सही तारीख को लेकर लोगों में भ्रम है कि आखिर शिवरात्रि किस दिन मनाई जाएगी। तो आपको बता दें हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 8 मार्च, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा।
महाशिवरात्रि में कुछ भक्त निर्जल उपवास रखते हैं, वहीं कुछ इस दिन फलाहार पर रहते हैं। आप मान्यता अनुसार उपवास रख सकते हैं। शास्त्रों में व्रत-उपवास का विशेष महत्व बताया गया है। महाशिवरात्रि का व्रत रखने से व्यक्ति के मन में हो रही उथल-पुथल शांत होती है। साधक आध्यात्म की ओर ले अग्रसर होता है। इससे उसके मोक्ष का मार्ग सुलभ हो जाता है।
महाशिवरात्रि व्रत नियम
– महाशिवरात्रि में कुछ भक्त निर्जल उपवास रखते हैं, वहीं कुछ इस दिन फलाहार पर रहते हैं। आप मान्यता अनुसार उपवास रख सकते हैं। अगर आपने निर्जल व्रत रखा है, तो आपको पूरा दिन जल की एक बूंद भी नहीं लेनी है।
– एक समय का व्रत रख रहे हैं तो फिर दूसरे समय फलाहार नहीं करते हैं। सिर्फ एक समय ही भोजन कर सकते हैं।
– महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखने वालों को शाम के समय शिव पूजा के बाद ही भोजन करना चाहिए, वहीं जो पूर्ण रात्रि व्रत रखते हैं वह चारों प्रहर में पूजा करने के बाद अगले दिन सूर्योदय के बाद ही अन्न ग्रहण करें।
– महाशिवरात्रि व्रत में पूजा के दौरान पार्थिव शिवलिंग पर चढ़ा भोग ग्रहण न करें। मिट्टी, पत्थर और चीनी मिट्टी से बने शिवलिंग पर अर्पित किया प्रसाद नहीं खाना चाहिए, ये चंडेश्वर का अंश होता है।
– शिवरात्रि के दिन व्रतधारी को दोपहर में सोना वर्जित है, पूरा दिन शिव का स्मरण करें। धैर्य रखें, मन शांत रखें। इस दिन व्रतियों को सद्गुणों का अभ्यास करना चाहिए और सभी बुराइयों से दूर रहना चाहिए तभी व्रत का फल प्राप्त होता है।
शुभ योग
इस बार महाशिवरात्रि के दिन कई शुभ योग का संयोग बन रहा है। इस दिन शिव, सिद्ध और सर्वार्थ सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। इसके अलावा इस बार महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र में मनाई जाएगी जिसके स्वामी शनि देव हैं। इसके अलावा इस बार महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र में मनाई जाएगी जिसके स्वामी शनि देव हैं। शनि देव भोलेनाथ को अपना आराध्य देव मानते हैं। इसलिए इस बार की महाशिवरात्रि बेहद खास है। इस दिन कुछ के मेष राशि, तुला राशि, मकर राशि, कुंभ राशि जातकों पर शिव जी के साथ शनि देव की भी खास कृपा बरसेगी।


