बारासात (पश्चिम बंगाल), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के फरार नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में शुक्रवार को लोग उग्र हो गये।
पुलिस के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने हाथों में डंडे और झाडू लेकर संदेशखाली के अलग-अलग हिस्सों में सुबह से ही जुलूस निकालें। बाद में भीड़ ने शाहजहां के सहयोगी शिवप्रसाद हाजरा के घर में तोड़-फोड़ की और कुछ लकड़ी के सामान में आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि जेलियाखाली में हाजरा से जुड़े एक मुर्गीपालन फार्म को भी आग के हवाले कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक होसेन मेहदी रहमान ने बताया कि बलों को इलाके में भेज दिया गया है और हालात पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि गांववालों ने शाहजहां और उसके सहयोगियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि फरार लोगों के लिए छापेमारी की जा रही है।
शाहजहां पिछले महीने उस समय से लापता है, जब कथित राशन घोटाले में उसके घर पर छापा मारने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि शाहजहां और उसके ‘गुर्गों’ ने अपने ‘शासनकाल’ के दौरान लोगों पर अत्याचार करने के अलावा बहुत सी जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया।
पुलिस ने बताया कि इस बीच शाहजहां के समर्थक भी सड़कों पर उतर आए और पुलिस बल झड़प को रोकने की कोशिश कर रहा है।
टीएमसी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) इलाके में अशांति फैलाने के लिए लोगों को भड़का रही है।
टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा, ”इलाके में एक-दो टीएमसी नेताओं के प्रति असंतोष हो सकता है। साजिशकर्ता इसी मौके का फायदा उठाकर संकट पैदा करना चाहते हैं। यह एक अलग घटना है और लोगों की शिकायतों का समाधान किया जाएगा ”
वहीं भाजपा ने कहा कि यह घटना लोगों के दबे हुए गुस्से का नतीजा है। भाजपा नेता समिक भट्टाचार्य ने दावा किया, ”संदेशखाली की घटना भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक अंश है। टीएमसी सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली।”


