लखनऊ, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने पार्टी के संस्थापक कांशीराम को शुक्रवार को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी और सामाजिक परिवर्तन एवं आर्थिक मुक्ति के लिए उनके योगदान को याद किया।
मायावती ने कहा कि कांशीराम के मिशन की बदौलत उत्तर प्रदेश में उनके (मायावती के) नेतृत्व में चार बार बसपा की सरकार बनी और सामाजिक परिवर्तन एवं आर्थिक मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए गए।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि कांशीराम ने सदियों से जाति के आधार पर शोषित और पिछड़े बहुजन समाज के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों को वोट की ताकत से सत्ता की ‘‘मास्टर चाबी’’ दिलाने के लिए काम किया।
उन्होंने कहा कि कांशीराम ने इन वर्गों को शोषित से शासक वर्ग बनाने और उनके मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के आत्म-सम्मान एवं स्वाभिमान के रुके और बिखरे हुए कारवां को उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
मायावती ने बसपा परिवार की ओर से कांशीराम की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
बसपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कांशीराम के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल एवं महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बसपा की सरकार चार बार बनी।’’
उन्होंने कहा कि इन सरकारों ने सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति के लिए ऐतिहासिक कार्य किए तथा समता एवं समानता के अधिकार के लिए महात्मा ज्योतिबा फुले, नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुषों के किए गए संघर्ष और योगदान को जमीनी स्तर पर अमल में लाकर संविधान की भावना को साकार करने का प्रयास किया।
मायावती ने कहा, ‘‘इन महापुरुषों की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश में समाज के सभी वर्गों के हित में अपराध पर नियंत्रण किया गया और कानून-व्यवस्था को मजबूत कर कानून का राज स्थापित किया गया। साथ ही जनहित, जनकल्याण और विकास के लिए बेहतर शासन देकर कांशीराम को सच्ची श्रद्धांजलि दी गई।’’
उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से संकीर्ण राजनीतिक सोच से ऊपर उठकर शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और जनकल्याण जैसे बुनियादी मुद्दों पर ठोस प्रगति के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की।
समाज सुधारक कांशीराम का जन्म 15 मार्च, 1934 को पंजाब में हुआ था। उन्होंने 1984 में बहुजन समाज पार्टी की स्थापना की थी। उनका निधन नौ अक्टूबर, 2006 को हुआ था।