बाराबंकी। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की रौजागांव इकाई की ओर से सघन गन्ना विकास योजना के तहत ग्राम उफरौली और कोठरी गौरिया में शरदकालीन गन्ना बुवाई को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक गोष्ठी आयोजित की गई।
इसमें किसानों को उन्नत गन्ना किस्मों, वैज्ञानिक बुवाई तकनीक और सहफसली खेती के जरिए कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से गन्ने की खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।
गोष्ठी में चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना बृजपाल सिंह ने किसानों को को. 0118, 98014, को.लख. 14201, 16202 और को.शा. 13235 जैसी उन्नतशील गन्ना किस्मों की ट्रेंच विधि से बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गन्ने की दो पंक्तियों के बीच खाली स्थान में आलू, मटर, सरसों और मसूर जैसी सहफसलों की खेती करके किसान अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
बृजपाल सिंह ने किसानों को यह भी बताया कि गन्ना उपज बढ़ोतरी योजना के तहत पंजीकरण और नए सदस्य बनने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। उन्होंने किसानों से समय रहते आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की, ताकि वे विभागीय योजनाओं का लाभ उठा सकें।
गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ से आए डॉ. अरुण कुमार ने शरदकालीन गन्ने की बुवाई के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि शरदकालीन गन्ने से बसंतकालीन गन्ने की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक उपज मिलने की संभावना रहती है। इस मौसम में गन्ने का जमाव प्रतिशत भी बेहतर हो सकता है और अर्ली शूट बोरर कीट का प्रकोप नहीं होता है। उन्होंने किसानों को जैविक खाद, जैव उर्वरकों के इस्तेमाल, मिट्टी की जांच और संतुलित पोषण प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जिला गन्ना अधिकारी बाराबंकी डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि किसानों के लिए दो नई अगेती गन्ना किस्मों को स्वीकृति मिली है। इनमें को.शा. 23232 और को.लख. 21201 शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि इन किस्मों से को. 0238 की तुलना में अधिक पैदावार प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने किसानों को नई किस्मों की बुवाई, संतुलित खाद एवं उर्वरक के प्रयोग, कीट और रोगों से फसल की सुरक्षा तथा गन्ने की पेड़ी के बेहतर प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. दीपशिखा ने गन्ना विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से इनका लाभ उठाने का आह्वान किया। गोष्ठी में रौजागांव चीनी मिल के मुख्य गन्ना प्रबंधक दिनेश कुमार सिंह, सहायक गन्ना अधिकारी गौरव कुमार सोम, पर्यवेक्षक, कर्मचारी, नए सदस्य और सैकड़ों किसान मौजूद रहे।