बलिया, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने संबंधी अपने बयान पर सफाई दी है।
शुक्रवार को बलिया के सिकंदरपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह कोई चुनौती नहीं, बल्कि राजनीतिक सलाह थी। एक दिन पहले अयोध्या में अखिलेश यादव ने कहा था कि बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री को अगर अपनी जीत का भरोसा है तो उन्हें अयोध्या से चुनाव लड़ना चाहिए।
अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में अपने समर्थन को लेकर आश्वस्त हैं और उन्होंने कहा है कि 15 दिन के भीतर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, तो उन्हें अगला विधानसभा चुनाव अयोध्या से लड़ने का फैसला लेना चाहिए। उन्होंने अपने बयान को चुनौती के बजाय राजनीतिक सलाह बताया।
राम मंदिर में दर्शन नहीं करने के सवाल पर सपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में संकल्प लिया है। उनका कहना है कि इटावा के सैफई में केदारेश्वर धाम का निर्माण पूरा होने के बाद वह पार्टी के नेताओं और अन्य लोगों के साथ राम मंदिर में दर्शन करने जाएंगे। अखिलेश ने इससे पहले अयोध्या में भी यही बात कही थी।
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अयोध्या में विकास कार्यों के नाम पर जिन लोगों की दुकानें और मकान हटाए गए या जिनकी जमीन अधिग्रहीत की गई, उन्हें बाजार दर के मुताबिक मुआवजा नहीं मिला। उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाते हुए भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि मंदिर के बाहर बैठा भिखारी भी चढ़ावे की चोरी नहीं करता। ये आरोप सपा प्रमुख ने राजनीतिक बयानबाजी के दौरान लगाए हैं।
जेवर हवाई अड्डे के नामकरण और निजीकरण को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि जिस दिन हवाई अड्डे की कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी, उसी दिन उसे बेच दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को जेवर हवाई अड्डे का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अखिलेश ने नाम बदलने और हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपने की नीति पर सवाल उठाए।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि वह अपने राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता संबंधित आंदोलन और कार्यक्रम में शामिल हैं। उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को सपा का नैतिक समर्थन होने की बात भी कही।
अखिलेश यादव शुक्रवार को बलिया में समाजवादी पार्टी के दिवंगत वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। चौधरी बलिया जिले से आठ बार विधायक रहे थे। अखिलेश ने उनके परिवार से मुलाकात कर श्रद्धांजलि अर्पित की और पार्टी की ओर से उनके योगदान को याद किया।
#WATCH | लखनऊ: सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, "…इसे चुनौती का नाम मत दीजिए। ये हमारी उनके(योगी आदित्यनाथ) लिए राजनीतिक सलाह थी… अगर वे अयोध्यावासियों से इतने ही आश्वस्त हैं, तो उन्हें ये फैसला लेना चाहिए और उनके बीच जाकर चुनाव लड़ना चाहिए… अयोध्या ऐसा शहर बनकर उभरता जो… pic.twitter.com/NtdN9cvpFO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 9, 2026