अयोध्या, शहर में सीवर लाइन के नाम पर चल रही खुदाई अब आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है। नाका से चौक जाने वाले प्रमुख मार्ग समेत कई गलियों में सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने से जगह-जगह कीचड़, जलभराव और गड्ढों की स्थिति बनी हुई है। बारिश के बाद हालात और खराब हो गए हैं। सड़क पर फैली मिट्टी और पानी के बीच दोपहिया वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सोमवार को सामने आई तस्वीरों में सड़क की स्थिति बेहद खराब दिखाई दे रही है। कई स्थानों पर सड़क के बड़े हिस्से में मिट्टी के ढेर लगे हैं और बारिश का पानी भर गया है। वाहन चालक कीचड़ और गड्ढों के बीच से निकलने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क खोदने के बाद उसे तत्काल समतल या सुरक्षित नहीं किया जा रहा है, जिससे रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
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सबसे बड़ी चिंता सुरक्षा को लेकर है। सड़क पर खुदाई वाले हिस्सों के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग और स्पष्ट सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने की शिकायत सामने आ रही है। बारिश के कारण मिट्टी धंसने और सड़क पर फिसलन बढ़ने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से शाम तक इस मार्ग पर बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, ऐसे में खुले और कीचड़ से भरे खुदाई वाले हिस्से किसी हादसे का कारण बन सकते हैं।
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दुर्गापूजा और रामलीला जैसे बड़े आयोजनों से पहले शहर की सड़कों की यह स्थिति लोगों की चिंता और बढ़ा रही है। 11 अक्टूबर से दुर्गापूजा शुरू होनी है और इसके लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में पूजा पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और पूजा समितियों का कहना है कि कई स्थानों पर पंडालों के आसपास भी खुदाई होने से सजावट, श्रद्धालुओं की आवाजाही और प्रतिमा ले जाने वाले वाहनों को परेशानी हो सकती है।
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जनता का सवाल है कि जब शहर में त्योहारों के दौरान हजारों लोगों की आवाजाही बढ़ने वाली है, तो ऐसे समय में मुख्य मार्गों और गलियों को इस तरह खोदकर छोड़ने की अनुमति कैसे दी जा रही है।
लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन काम इस तरीके से होना चाहिए कि आम जनता को अनावश्यक परेशानी और सुरक्षा संबंधी खतरे का सामना न करना पड़े। स्थानीय लोगों की मांग है कि खुदाई वाले स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग की जाए, जलभराव और कीचड़ हटाया जाए तथा आवागमन योग्य रास्ता बनाया जाए।
केंद्रीय दुर्गापूजा एवं रामलीला समन्वय समिति ने भी जल निगम और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल का कहना है कि पर्व शुरू होने में कुछ ही दिन बचे हैं, इसके बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है। समिति ने त्योहार संपन्न होने तक नई खुदाई नहीं कराने और मौजूदा खुदाई वाले हिस्सों को जल्द सुरक्षित करने की मांग की है।
समिति के जल निगम प्रभारी अखिलेश पाठक के अनुसार, यदि दो दिन के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पूजा समितियां धरना देने की तैयारी कर रही हैं। हालांकि, आम जनता का मुद्दा केवल दुर्गापूजा तक सीमित नहीं है। शहर में रोजाना आवागमन करने वाले लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण पहले से ही यातायात प्रभावित है और बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग काम की समयसीमा स्पष्ट करे और जब तक सड़क पूरी तरह दुरुस्त न हो, तब तक खुदाई वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जनता का कहना है कि सीवर और विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन उनकी कीमत आम लोगों की सुरक्षा और रोजमर्रा की आवाजाही में परेशानी के रूप में नहीं चुकाई जानी चाहिए।