देवरिया, जिले के लार थाना क्षेत्र के भीकम छपरा गांव में सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान गंभीर रूप से घायल 50 वर्षीय रमेश्वर तिवारी की गुरुवार देर रात देवरिया मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर छह नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मामले में कथित पुलिस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, एक अक्टूबर को भीकम छपरा गांव में सड़क पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान रमेश्वर तिवारी पर कथित रूप से हमला कर दिया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी अमृता देवी ने शुक्रवार को लार थाने में शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में उन्होंने संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी और निखिल तिवारी को नामजद करते हुए 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ आरोप लगाए हैं।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने रमेश्वर तिवारी पर जान से मारने की नीयत से हमला किया था। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया है।
घटना के बाद मामले में पुलिस की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई। कथित लापरवाही को देखते हुए देवरिया के पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने लार थाना प्रभारी राकेश कुमार, स्थानीय निरीक्षक राम मूरत और दो बीट कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया।
शुक्रवार को गोरखपुर के डीआईजी एस. चन्नप्पा पुलिस अधीक्षक के साथ भीकम छपरा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली।
डीआईजी ने परिवार को आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और संबंधित पुलिस अधिकारियों को मामले में जल्द तथा कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुलिस ने रमेश्वर तिवारी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। घटना के बाद गांव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की जांच जारी है।