लखनऊ, उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के अंतर्गत जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता (आउटसोर्सिंग) के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय ने आशुलिपिक, लेखाकार, सहायक लेखाकार, टंकक/लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर के निर्धारित मासिक मानदेय में 25 प्रतिशत की एकमुश्त वृद्धि करने का आदेश जारी किया है।
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी की ओर से जारी कार्यालय ज्ञाप में यह जानकारी दी गई है। आदेश का पत्रांक अधि०/मानदेय वृद्धि/4069/2026-27 है और यह 29 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
आदेश के अनुसार आशुलिपिक और लेखाकार का वर्तमान मासिक मानदेय 18,560 रुपये था, जिसे 25 प्रतिशत वृद्धि के बाद 23,200 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। इसी तरह सहायक लेखाकार का मानदेय 11,600 रुपये से बढ़ाकर 14,500 रुपये, जबकि टंकक/लिपिक और कम्प्यूटर ऑपरेटर का मानदेय 11,020 रुपये से बढ़ाकर 13,775 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।
आदेश में बताया गया है कि यह वृद्धि उत्तर प्रदेश सभी के लिए शिक्षा परियोजना परिषद की राज्य कार्यकारी समिति की 8 सितंबर 2026 को हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुपालन में की गई है। सितंबर में हुई बैठक में समग्र शिक्षा के राज्य और जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों के मानदेय में 25 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय के आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि एक बार (One Time) की जा रही है। साथ ही पूर्व अवधि का कोई एरियर देय नहीं होगा। वृद्धि के बाद आने वाले अतिरिक्त व्यय का भार समग्र शिक्षा के एमएमईआर (MMER) मद से वहन किया जाएगा। सभी संबंधित जिला परियोजना कार्यालयों को निर्धारित नई दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस फैसले से प्रदेश के समग्र शिक्षा के जिला परियोजना कार्यालयों में सेवा प्रदाता के माध्यम से कार्यरत संबंधित कर्मचारियों के मासिक मानदेय में सीधे बढ़ोतरी होगी। वर्ष 2020 के बाद इन मानदेय दरों में वृद्धि नहीं हुई थी, इसलिए सितंबर में हुई राज्य कार्यकारी समिति की बैठक में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।
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