ललितपुर जिले के बानपुर क्षेत्र में स्थित गनेशपुरा का प्राचीन गणेश मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। यहां भगवान गणेश की 24 भुजाओं वाली नृत्य मुद्रा की प्राचीन प्रतिमा स्थापित है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस प्रतिमा को 11वीं सदी का बताया गया है। प्रतिमा की अलग-अलग मुद्राओं में बनी कलाकृति इसे क्षेत्र की विशिष्ट ऐतिहासिक धरोहरों में शामिल करती है।
गनेशपुरा में स्थित यह मंदिर आकार में छोटा है और एक कमरे में बना हुआ है, लेकिन यहां स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा के कारण इसकी पहचान दूर तक है। स्थानीय लोगों के अनुसार गणेश मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना और सुंदरकांड का आयोजन किया जाता है।
गणेशोत्सव के दौरान यहां विशेष धार्मिक गतिविधियां होती हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक माघ माह में भी यहां बड़ा मेला आयोजित होता है, जिसमें ललितपुर के अलावा मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क, पेयजल और बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। चूंकि यह मंदिर पुरातत्व विभाग के अधीन बताया गया है, इसलिए इसके संरक्षण और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े निर्णय विभाग की अनुमति के तहत होते हैं। यही वजह है कि धार्मिक महत्व के साथ इस स्थल का पुरातात्विक महत्व भी बना हुआ है।
ललितपुर जिला प्रशासन भी जिले को ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में बताता है। जिले में गुप्तकाल से लेकर बाद की कई सदियों तक के मंदिर और अन्य ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं।