अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बुधवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का दक्षिणी मार्ग सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला और सुरक्षित है।
सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजरने की चाह रखने वाले सभी कमर्शियल जहाजों के लिए यह रूट फ्री और ओपन है।
कमांड ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में अमेरिकी सेनाओं ने ईरान की अनुचित आक्रामकता के बावजूद एक हजार से अधिक जहाजों को सफलतापूर्वक इस जलडमरूमध्य से गुजारने में सहायता की है और ये ट्रांजिट आज भी जारी हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में शिपिंग ट्रैफिक काफी प्रभावित हुआ था।
ईरान ने कई मौकों पर जलडमरूमध्य पर नियंत्रण का दावा किया और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने वाले जहाजों को चेतावनी दी जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताता रहा है जहां किसी एक देश का एकाधिकार नहीं हो सकता। सेंटकॉम के अनुसार दक्षिणी मार्ग ओमान के तट के पास है और अमेरिकी फोर्सेज यहां नेवल ओवरवॉच व समन्वय के जरिए जहाजों की मदद कर रही हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने समय-समय पर उन जहाजों पर हमले या धमकी दी जो उनके बताए उत्तरी मार्ग के बजाय दक्षिणी रूट का इस्तेमाल कर रहे थे। अमेरिकी कमांड ने ऐसे हमलों को अनुचित आक्रामकता करार दिया है। युद्ध शुरू होने से पहले रोजाना सौ से ज्यादा जहाज इस जलमार्ग से गुजरते थे लेकिन संघर्ष के बाद ट्रैफिक में भारी गिरावट आई।
सेंटकॉम के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिकी सहायता से सीमित संख्या में जहाज गुजरने लगे हैं। हाल के हफ्तों में भी कुछ वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की खबरें आईं जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई भी की। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाते रहे हैं।
सेंटकॉम ने जोर देकर कहा कि ईरान इस जलमार्ग को नियंत्रित नहीं करता और कमर्शियल जहाज अमेरिकी सैन्य समर्थन के साथ गुजर रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने भी हाल में कहा था कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है और जलमार्ग को सामान्य बनाने की दिशा में समझौते की संभावना है।
फिलहाल दक्षिणी मार्ग पर ट्रांजिट जारी रहने का दावा करते हुए सेंटकॉम ने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को आश्वस्त करने की कोशिश की है कि वे इस रूट का इस्तेमाल कर सकती हैं।









