Saturday, July 25, 2026
  • About Us
  • Contact Us
  • Home
publicnews360
  • Login
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत
No Result
View All Result
publicnews360
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

छत्तीसगढ़ विधानसभा में 14 घंटे की चर्चा के बाद कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा

ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360 by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 18, 2026
in देश, राजनीति
0
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 14 घंटे की चर्चा के बाद कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव ध्वनिमत से गिरा

छत्तीसगढ़ विधानसभा में शासन, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर लगातार करीब 14 घंटे तक चली चर्चा के बाद शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय नीत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के खिलाफ कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव गिर गया।

अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के साथ पांच दिवसीय मानसून सत्र का समापन भी हो गया। सत्ता पक्ष ने किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कथित विफलताओं को लेकर कांग्रेस के 136 सूत्री ‘‘आरोपपत्र’’ को खारिज कर दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय समेत कुल 17 विधायकों ने चर्चा में भाग लिया जो शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुई और देर रात करीब ढाई बजे समाप्त हुई।

कांग्रेस ने 136 सूत्री ‘‘आरोपपत्र’’ पेश करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्यकाल में किसानों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।

चर्चा का जवाब देते हुए साय ने अविश्वास प्रस्ताव को ‘‘खोखला, निराधार और राजनीतिक नौटंकी’’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि ‘‘झूठ और भ्रष्टाचार’’ में पीएचडी का कोई पाठ्यक्रम होता, तो कांग्रेस के सदस्य उसमें विशेषज्ञ होते।

साय ने सवाल किया कि क्या यह प्रस्ताव उन तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासियों के खिलाफ है, जिन्होंने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता सौंपी और बाद में लोकसभा तथा स्थानीय निकाय चुनावों में भी पार्टी का समर्थन किया।

उन्होंने कहा, ‘‘शायद वे यह पचा नहीं पा रहे हैं कि एक गांव के आदिवासी किसान का बेटा आज मुख्यमंत्री है।’’

साय ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर कटाक्षा करते हुए दावा किया कि ‘‘राजा’’ (भूपेश बघेल) और ‘‘महाराजा’’ (टीएस सिंह देव) के बीच नेतृत्व को लेकर चली खींचतान और आपसी गुटबाजी से राज्य का शासन प्रभावित हुआ।

साय ने कहा कि उनकी सरकार की कथनी और करनी में समानता है। उन्होंने 25 लाख किसानों से 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, लंबित बोनस के रूप में 3,716 करोड़ रुपये के भुगतान, सिंचाई क्षमता दोगुनी करने तथा 11,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति देने जैसी उपलब्धियों का उल्लेख किया।

उन्होंने बस्तर से माओवादियों को पूरी तरह हटाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राज्य सुरक्षा बलों को श्रेय दिया।

प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि राज्य को एक ‘‘अदृश्य शक्ति’’ चला रही है। उन्होंने दिसंबर 2023 में भाजपा के सत्ता संभालने से कुछ दिन पहले हसदेव वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का मुद्दा उठाया।

उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि भाजपा के चुनाव जीतने के बाद ही एक अदृश्य शक्ति ने छत्तीसगढ़ का कामकाज चलाना शुरू कर दिया था। यह किसके आदेश पर हुआ? संबंधित अधिकारी को पेड़ों की कटाई की अनुमति देने का निर्देश किसने दिया? तब से यही सिलसिला जारी है।’’

बघेल ने कानून-व्यवस्था और पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा) के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में पुलिस सुरक्षा के बीच उद्योगों के लिए वन भूमि खाली कराई गई। उन्होंने दावा किया कि जहां नक्सलवाद कम हुआ है, वहीं अब ‘‘भू-माफिया’’ बस्तर की खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं। बघेल ने कहा, ‘‘नक्सली भले ही चले गए हों, लेकिन भू-माफिया आ गए हैं। इसलिए बस्तर के लोग चिंतित हैं।

इससे पहले चर्चा की शुरुआत करते हुए नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि सरकार ने सत्ता में अपने 135 सप्ताह पूरे कर लिए हैं और 136वें सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। इसलिए विपक्ष ने सरकार की कथित विफलताओं का दस्तावेजीकरण करते हुए 136 सूत्री ‘‘आरोपपत्र’’ तैयार किया है।

महंत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल का हर सप्ताह किसानों, आदिवासियों और महिलाओं के खिलाफ ‘‘नई साजिशें’’ लेकर आया है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार आबकारी, कोयला और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) भर्ती घोटालों सहित कई मामलों में घिरी रही।

अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी। विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर के दूसरे सप्ताह में शुरू हो सकता है।

Tags: छत्तीसगढ़ विधानसभा में
Previous Post

कौशांबी में स्कूल चाकू-चापड़ लेकर बैठी शिक्षिका, वीडियो वायरल प्रधानाध्यापिका निलंबित, मानसिक स्थिति ठीक नहीं

Next Post

मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, पति को नींद की गोलियां देकर जहरीला सांप से कटवाकर की हत्या; 4 गिरफ्तार

Related Posts

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन
उत्तर प्रदेश

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन

July 24, 2026
राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति पर विचार
देश

सुप्रीमकोर्ट पुलिस ज्यादती के आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर 27 जुलाई करेगा को सुनवाई

July 24, 2026
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं
देश

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं

July 24, 2026
अश्लील सामग्री प्रसारित करने के आरोप में सरकार ने पांच ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगाया प्रतिबंध
देश

मोबाइल ऐप पर अश्लील विज्ञापन?; कानूनों का उल्लंघन करने पर 50 ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद

July 24, 2026
Next Post
मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, पति को नींद की गोलियां देकर जहरीला सांप से कटवाकर की हत्या; 4 गिरफ्तार

मेरठ में पत्नी ने प्रेमी संग रची खौफनाक साजिश, पति को नींद की गोलियां देकर जहरीला सांप से कटवाकर की हत्या; 4 गिरफ्तार

Recent Posts

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन

देर से ही सही, 10 साल की जेल,10 करोड़ जुर्माना, पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, 2024 में बने कानून में संशोधन

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के कुछ घंटे बाद शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रश्न पत्र लीक के मामलों में...

राज्य बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की नियुक्ति पर विचार

सुप्रीमकोर्ट पुलिस ज्यादती के आरोप लगाने वाली याचिकाओं पर 27 जुलाई करेगा को सुनवाई

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
0

उच्चतम न्यायालय ने उन दो याचिकाओं पर 27 जुलाई को सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताई, जिनमें पुलिस पर...

संभल में तुर्क समुदाय के लोगों पर देवबंदी को नमाज से रोकने और सामाजिक बहिष्कार का लगा आरोप

संभल में तुर्क समुदाय के लोगों पर देवबंदी को नमाज से रोकने और सामाजिक बहिष्कार का लगा आरोप

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
0

संभल जिले में एक मुस्लिम व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि उसे और उसके परिवार को जुमे की नमाज अदा...

शाहजहांपुर: आपराधिक मामले छिपाने पर नगर पंचायत अध्यक्ष का निर्वाचन रद्द, चार साल तक चुनाव लड़ने पर रोक

सुलतानपुर में नाबालिग के अपहरण के मामले में अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
0

सुलतानपुर जिले के लंभुआ कोतवाली क्षेत्र में 17 वर्षीय एक लड़की के कथित अपहरण के मामले में अदालत के आदेश...

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने TV रेटिंग नीति 2026 की जारी; नई नीति के तहत कोई भी संस्था पंजीकृत नहीं

by ब्यूरो पब्लिकन्यूज़360
July 24, 2026
0

सूचना एवं  प्रसारण मंत्रालय ने टीवी रेटिंग नीति2026 जारी की है, जो भारत में टेलीविज़न रेटिंग को विनियमित करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश तय करती है। यह नीति टीवी रेटिंग सेवाएँ देने वाली एजेंसियों के पंजीकरण, संचालन, ऑडिट और निगरानी के लिए स्पष्ट मानक तय करती है, जिसका उद्देश्य दर्शक मापन में पारदर्शिता, स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। टीवी रेटिंग नीति 2026 ने भारत में टीवी रेटिंग एजेंसियों के लिए 16 जनवरी 2014 के विद्यमान दिशानिर्देश की जगह ली है। नीति के तहत किए गए प्रमुख सुधारों में शामिल हैं: नेटवर्थ की शर्त को 20 करोड़ रुपये से घटाकर 5 करोड़ रुपये करना; कनेक्टेड टीवी और ओटीटी  प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध टीवी चैनलों सहित कई प्लेटफॉर्म पर टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल दर्शक मापन; मीटर वाले घरों की संख्या 50,000 से बढ़ाकर 80,000 करके सैंपल साइज़ बढ़ाना; हर तीन साल में एस्टैब्लिशमेंट सर्वे; व्यूअरशिप डेटा की गणना में लैंडिंग पेज को शामिल न करना; vi, सालाना स्वतंत्र ऑडिट; और .vii नियमों का पालन न करने पर अलग-अलग स्तर का जुर्माना ढांचा। अनुशंसित सुरक्षा उपायों में क्रॉस-होल्डिंग पर रोक, एजेंसी के बोर्ड में कम से कम 33 प्रतिशत स्वतंत्र डायरेक्टर की ज़रूरत, हितों के टकराव (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट) की स्थिति पैदा करने वाली कंसल्टेंसी या सलाह देने वाली गतिविधियों पर रोक, सुरक्षा मंज़ूरी की आवश्यकता और रेटिंग एजेंसियों की कामकाज और संचालन संबंधी स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए ऑडिट और पारदर्शिता की ज़िम्मेदारियाँ शामिल हैं। इस नीति के तहत, भारत में टेलीविज़न रेटिंग के कारोबार में लगी किसी भी संस्था को कुछ अतिरिक्त शर्तों का पालन करना होगा और नई पॉलिसी के तहत पंजीकरण कराना होगा। अभी तक, नई नीति के तहत...

हमारे बारे में Public News 360

एक विश्वसनीय न्यूज़ चैनल — पढ़ें ताज़ा समाचार, राजनीति, समाज और संस्कृति की खबरें।

संपादकीय जानकारी
प्रकाशक/संपादक:अतुल नारायण श्रीवास्तव
उप संपादक: अनुराग वर्मा
पता: फ़ैज़ाबाद-अयोध्या, उत्तर प्रदेश 224001
हमसे जुड़ें
विश्वसनीयता और पारदर्शिता के साथ।

All disputes Ayodhya jurisdiction only • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को संसूचित राजपत्र संख्या सी.जी.-डी.एल.-अ.-25022021-225464 दिनांक 25 फरवरी 2021 के भाग II द्वारा संचालित सर्वाधिकार सुरक्षित

  • About Us
  • Contact Us
  • Home

© 2025 publicnews360.in

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • होमपेज
  • अयोध्या
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • अंतराष्ट्रीय
  • खेल
  • राजनीति
  • क्राइम
  • व्यापार जगत

© 2025 publicnews360.in

×

No WhatsApp Number Found!

Join Our Whatsapp Group