अयोध्या, कृष्ण मोहन का संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से है। उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।
अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में नए महामंत्री की नियुक्ति तक ट्रस्टी कृष्ण मोहन को महासचिव के कार्यों का दायित्व सौंपा गया है। कृष्ण मोहन वर्ष 2025 में ट्रस्ट के गठन के समय दलित समाज के प्रतिनिधि के रूप में ट्रस्ट में शामिल किए गए थे।
उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। बता दें कि राम चढ़ावा चोरी तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी।
कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा, कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं। जहां कहीं लूप होल्स हैं, अब इसे बंद करना है। इसका पूरा प्रयत्न करूंगा। समाज में जो माहौल बना है, इससे हमारे न्यास की छवि धूमिल हुई है। मेरा प्रयास रहेगा कि हम सभी न्यासी लोग इस धूमिल छवि को सही करने का प्रयास करेंगे।










