लखनऊ, मरीजों को किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में तीन नए एचआरएफ (HRF) दवा आउटलेट्स का शुभारंभ किया गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार यह विस्तार माननीय कुलपति के दूरदर्शी नेतृत्व में किया गया है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण दवाएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराना है।
इस विस्तार को प्रभावी रूप से लागू करने में चेयरमैन प्रो. कुमार शंतनु के मार्गदर्शन, फैकल्टी इंचार्ज प्रो. बालेन्द्र के समन्वय तथा एचआरएफ के वित्तीय सलाहकार दिनेश श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इनके संयुक्त प्रयासों से एचआरएफ सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में प्रतिदिन लगभग 5 हजार से 8 हजार मरीज आते हैं, जो कई बार 10 हजार तक पहुंच जाते हैं। मरीजों को रियायती दरों पर दवाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्य ओपीडी भवन के भूतल पर एक नया एचआरएफ आउटलेट शुरू किया गया है, जहां दवाएं अधिकतम 80 प्रतिशत तक की छूट पर मिलेंगी।
इसके अतिरिक्त शताब्दी फेज-II भवन में दूसरी और पांचवीं मंजिल पर दो अन्य आउटलेट शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों से वहां भर्ती मरीजों को दवाएं और सर्जिकल सामग्री सीधे उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम और समयबद्ध होगी। सभी आउटलेट्स पर ऑनलाइन भुगतान की सुविधा, सीसीटीवी निगरानी और प्रतिदिन कम से कम 12 घंटे संचालन की व्यवस्था की गई है।
वर्तमान में केजीएमयू परिसर में कुल 25 एचआरएफ दवा केंद्र संचालित हो रहे हैं, जबकि चार नए आउटलेट्स — न्यू लारी कार्डियोलॉजी, सर्जरी विभाग के सामने, कोबाल्ट यूनिट के पास 24×7 केंद्र तथा जेरियाट्रिक व मनोरोग विभाग के लिए विशेष आउटलेट शीघ्र शुरू किए जाएंगे।
मीडिया इंचार्ज प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है कि कोई भी मरीज आर्थिक कारणों से उपचार से वंचित न रहे। भविष्य में बेडसाइड पर दवाओं और सर्जिकल सामग्री की सीधी आपूर्ति की व्यवस्था भी शुरू करने की योजना है।










