बहराइच, नेपाल सीमा से सटे रुपईडीहा क्षेत्र में मंगलवार देर रात पुलिस और वाहन चोरी गिरोह के सदस्यों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, जैतापुर-चिकनिया मार्ग पर चेकिंग के दौरान दो मोटरसाइकिलों से आ रहे तीन संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में अब्दुल उर्फ अब्दुल सलाम के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। उसके दो नेपाली साथियों को भी बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कुल 12 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक, 22-23 सितंबर की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली थी कि वाहन चोरी गिरोह के कुछ सदस्य चोरी की मोटरसाइकिलों के साथ जैतापुर से चिकनिया होते हुए नेपाल भागने की कोशिश कर रहे हैं।
सूचना के बाद पुलिस टीम ने मार्ग पर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर तीन संदिग्ध आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी और भागने लगे।
पुलिस के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में अब्दुल उर्फ अब्दुल सलाम के पैर में गोली लगी। उसके पास से 7.65 एमएम पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा उसके कब्जे से चोरी की एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुठभेड़ के दौरान अब्दुल के दो साथी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और बाद में रंजीतबोझा जंगल क्षेत्र से नेपालगंज निवासी राजू जसगढ़ और मोहम्मद जुनैद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों की निशानदेही पर जंगल और आसपास के क्षेत्र में छिपाकर रखी गई 10 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस तरह पुलिस ने कुल 12 चोरी की बाइक बरामद करने का दावा किया है।
जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी बहराइच और आसपास के जिलों से चोरी की गई मोटरसाइकिलों को एकत्र कर उन्हें नेपाल ले जाने की तैयारी में थे। पुलिस अब बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों और उनके चोरी होने की घटनाओं के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, अब्दुल सलाम के खिलाफ रुपईडीहा थाने में पहले से आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, राजू जसगढ़ के खिलाफ नेपाल में चार और मोहम्मद जुनैद के खिलाफ दो आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस को मिली है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और शस्त्र अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।