अयोध्या, जिला मजिस्ट्रेट निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष चन्द्र दर्शन के अनुसार 18/19 फरवरी 2026 से रमजान माह प्रारम्भ होने की संभावना है, जबकि ईद-उल-फितर 20/21 मार्च 2026 को मनाई जा सकती है।
रमजान के दौरान मुस्लिम समुदाय द्वारा सहरी, इफ्तार, तरावीह, पांचों वक्त की नमाज तथा अंतिम शुक्रवार (जमातुलविदा) पर विशेष नमाज अदा की जाएगी। शिया समुदाय की ओर से 19वीं, 20वीं व 21वीं रमजान को जुलूस भी निकाले जाते हैं।
नगर में सुन्नी समुदाय द्वारा सिविल लाइन ईदगाह तथा शिया समुदाय द्वारा इमामबाड़ा राठ हवेली व रानोपाली ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की जाती है। यह पर्व शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मनाया जाता है।
डीएम ने बताया कि 2 मार्च को होलिका दहन, 4 मार्च को होली तथा 19 से 27 मार्च तक अयोध्या धाम का प्रांतीयकृत चैत्र रामनवमी मेला आयोजित होगा।
पर्वों के दृष्टिगत सभी उपजिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाकर शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने, धर्मगुरुओं व स्थानीय गणमान्य नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करने तथा थानों पर समय से शांति समिति की बैठकें कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी को अस्पतालों, सीएचसी-पीएचसी में चिकित्सा सुविधाएं, एम्बुलेंस व आपात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम व नगर निकायों को साफ-सफाई, चूना छिड़काव, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सड़कों की मरम्मत तथा जलापूर्ति दुरुस्त रखने को कहा गया है।
विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति, ढीले तार व जर्जर खंभों की मरम्मत तथा मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोक निर्माण विभाग को मस्जिदों, ईदगाहों व प्रमुख मार्गों की मरम्मत, जबकि जल निगम को हैंडपंपों की मरम्मत व रिबोर कराने तथा खुदाई के बाद गड्ढों का समतलीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नगर निकाय, पंचायती राज व पशु चिकित्सा विभाग को भीड़भाड़ वाले स्थलों व जुलूस मार्गों से निराश्रित पशुओं को हटाने के लिए संयुक्त अभियान चलाने को कहा गया है।
जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लागू निषेधाज्ञाओं का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। पर्वों के दौरान नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां आवश्यकतानुसार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।




