अयोध्या के फैजाबाद शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित नजूल भूमि गाटा संख्या 4099 को लेकर प्रशासन और निजी पक्षों के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नजूल विभाग के नायब तहसीलदार रविंद्र उपाध्याय द्वारा थाना कोतवाली नगर में दी गई तहरीर के आधार पर व्यापारी नेता अतुल कुमार सिंह, राजीव सिंह, गौरव चोपड़ा, निशीथ वर्मा सहित एक अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
नजूल विभाग द्वारा दर्ज एफआईआर में राज्य सरकार की बेशकीमती भूमि पर अवैध अतिक्रमण और सरकारी कार्य में बाधा का गंभीर मामला सामने आया है।
नायब तहसीलदार रविंद्र उपाध्याय नजूल कार्यालय अयोध्या की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि अतुल कुमार सिंह पुत्र स्व. हरी सिंह उनके सहयोगी राजीव सिंह, गौरव चोपड़ा, निशीथ वर्मा सहित अन्य लोगों द्वारा नजूल की सम्पूर्ण भूमि पर लोहे के एंगल और स्टील की जाली लगाकर जबरन कब्जा किया गया।
एफआईआर में स्पष्ट किया गया है कि उक्त लोग मूल डिक्रीदार नहीं हैं और उनके पास भूमि पर कोई वैध अधिकार नहीं है। नजूल विभाग के अनुसार इस भूमि से संबंधित तथाकथित फ्रीहोल्ड अनुबंधों को निरस्त किए जाने की विधिक कार्यवाही वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। नजूल विभाग द्वारा 23 दिसंबर 2025 को स्थल पर नजूल भूमि संबंधी सूचना बोर्ड लगाया गया था, जिसे क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बाद में 31 दिसंबर 2025 को बोर्ड पुनः स्थापित किया गया।
06 जनवरी 2026 को वाद संख्या 1521/2025 (राज्य बनाम समर्थ नारायण आदि) में न्यायालय के आदेश के क्रम में जब कोर्ट अमीन द्वारा कमीशन कार्य किया जा रहा था, उस दौरान आरोप लगा है कि मौके पर मौजूद लोगों ने न्यायिक कार्य में बाधा,गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और सरकारी अभिलेखों को क्षति पहुंचाने सहित जान से मारने की धमकी का भी आरोप लगा है।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि लगभग 50 से 60 अज्ञात लोगों द्वारा शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया गया। नजूल विभाग ने यह भी कहा है कि जिस आदेश के आधार पर कब्जा बनाए रखने का दावा किया जा रहा था, उसे इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ खंडपीठ द्वारा 03 जनवरी 2026 को निरस्त किया जा चुका है। इसके बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया।
यह भूमि विवाद विगत कुछ दिनों से जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।मामले में नजूल विभाग ने संबंधित व्यक्तियों एवं अन्य अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कराया है। नगर कोतवाल अश्विनी कुमार पाण्डेय ने प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच अप निरीक्षक संतोष कुमार सिंह से शुरू करा दी है।




