अयोध्या धाम के प्रमुख धार्मिक कार्यक्रमों में सदियों से सक्रिय भूमिका निभाने वाले तीर्थ पुरोहित समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। आगामी महत्वपूर्ण कार्यक्रम, जिसके लिए प्रधानमंत्री अयोध्या आ रहे हैं, में निमंत्रण न मिलने से समाज के लोगों में शासन-प्रशासन और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के प्रति गंभीर असंतोष है। समाज ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर विशेष रूप से उपेक्षा का आरोप लगाया है।
बलिदान और सहयोग के बावजूद उपेक्षा का आरोप अयोध्या तीर्थ पुरोहित समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश महाराज ने अपनी तीव्र पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि तीर्थ पुरोहित समाज ने सदैव भगवान राम की पूजा-अर्चना की है और राम जन्मभूमि आंदोलन में अपना बलिदान दिया तथा सरकार का पुरज़ोर समर्थन किया।
उन्होंने जोर देकर कहा, “हम सदैव से भगवान राम के तीर्थ पुरोहित समाज हैं और हमेशा पूजा-अर्चना करते आए हैं। हमने राम जन्मभूमि में सहयोग भी दिया, उसके बावजूद हमें वह जगह नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। ट्रस्ट को चाहिए कि वह तीर्थ पुरोहित समाज को उचित स्थान दे, क्योंकि हम हर कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं।
निमंत्रण न मिलने से ‘अस्तित्व’ पर सवाल राजेश महाराज ने कहा कि निमंत्रण न मिलने या पूछा न जाने के कारण उन्हें और उनके समाज को अपार पीड़ा हुई है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें निमंत्रण मिलता या पूछा जाता तो उनका भी एक ‘अस्तित्व’ बना रहता। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि इस उपेक्षा के कारण समाज इस ध्वजारोहण कार्यक्रम में भाग न लेने के लिए मजबूर हो गया है।
समाज के अन्य पदाधिकारियों ने भी की निंदा राष्ट्रीय अध्यक्ष के आरोपों का समर्थन करते हुए, तीर्थ पुरोहित समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों ने भी अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है।
ओम प्रकाश पांडे, तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष, ने इस घटना की घोर निंदा की। पूर्व अध्यक्ष दुर्गेश पांडे ने भी प्रशासन और ट्रस्ट के रवैये पर असंतोष व्यक्त किया। इस क्रम में, लड्डू गोपाल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप महाराज ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके समाज को लगातार उपेक्षित किया जा रहा है।
प्रदीप महाराज ने सवाल उठाया, “हम लोग और हमारे समाज के लोग भाजपा को वोट देते आए हैं, फिर भी हमें उपेक्षा क्यों की जाती है? कोई भी कार्यक्रम होता है तो उसमें तीर्थ पुरोहित समाज को वंचित कर दिया जाता है। बहिष्कार का ऐलान, लेकिन पीएम का स्वागत समाज के प्रमुख नेताओं ने सामूहिक रूप से ऐलान किया कि इस उपेक्षा के चलते वे अब ट्रस्ट या प्रशासन के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन का स्वागत किया और कहा कि वे विरोध नहीं करते। राजेश महाराज ने अंत में शासन-प्रशासन और ट्रस्ट से यह जिम्मेदारी निभाने की अपील की कि वे तीर्थ पुरोहित समाज के उचित स्थान और सम्मान का पूरा ध्यान रखें और उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में आमंत्रित करें।




