लखनऊ, योगी सरकार किराये के करारनामे को लेकर आए दिन होने वाले विवाद में लोगों को बड़ी राहत देने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रेंट एग्रीमेंट (किराया अनुबंध) को पंजीकृत कराने पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी घटाई जा रही है।
अब पंजीकृत किरायानामा 500 से 2500 रुपये तक कराया जा सकेगा। पूर्व की प्रस्तावित नीति खारिज कर नया प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट से पास कराने की तैयारी है।
किरायेदार और मकान मालिक के बीच किराये का पंजीकृत करारनामा नहीं कराए जाने से आए दिन विवाद होता रहा है। मौजूदा समय पंजीकृत करारनामा कराने का शुल्क अधिक होने से लोग इससे बचते हैं।
प्रस्तावित नई दरें और नई श्रेणियाें के दायरे में अब औसतन सालाना दो लाख रुपये तक किराया वाले मकानों को रखा जाएगा। करारनामा एक साल से 10 साल तक हो सकेगा। खत्म होने से पहले ही नया करारनामा कराना होगा। प्रस्तावित छूट पहले चरण में छह माह के लिए लागू करने की तैयारी है।
इसके अनुभव पर भविष्य में समय-सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे बढ़ाया जा सकेगा।
● 1 साल : 500 रुपये
● 1-5 साल : 1500 रुपये
● 5-10 साल : 2000 रुपये
दो लाख से छह लाख तक
● 1 साल : 1500 रुपये
● 1-5 साल : 4500 रुपये
● 5-10 साल : 7500 रुपये
छह लाख से 10 लाख तक
● 1 साल : 2500 रुपये
● 1-5 साल : 6000 रुपये
● 5-10 साल : 10000 रुपये



