नोएडा, भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के एक सेवानिवृत उपनिदेशक को कथित रूप से तीन दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके साइबर अपराधियों ने उनसे एक करोड़ 70 लाख रुपए ठग लिये।
यादव के अनुसार श्रीवास्तव ने फोनकर्ता से कहा कि वह जिस नंबर को उनका नंबर बता रहा है वह उनके नाम से नहीं है और न ही वह कभी मुंबई गये। तब फोनकर्ता ने श्रीवास्तव से कहा गया कि इस मामले में एक मुकदमा दर्ज है और उन्हें मुंबई पुलिस से बात करनी होगी।
पुलिस उपायुक्त का कहना है कि और तब फोन को मुंबई पुलिस के कथित अधिकारी को ट्रांसफर किया गया जिसने श्रीवास्तव से कहा कि उनके खिलाफ एक मुकदमा लंबित है तथा उनकी नरेश गोयल जेट एयरवेज के सह- संस्थापक से धनशोधन मामले में संलिप्तता पायी गयी। मुंबई के कथित अधिकारी ने श्रीवास्तव से यह भी कहा कि उन्होंने केनरा बैंक में खाता खुलवाया है जिसमें धनशोधन की रकम है।
यादव के मुताबिक तब मुंबई के कथित अधिकारी ने श्रीवास्तव को मुंबई आने अन्यथा हथकड़ी लगाकर उन्हें मुंबई लाये जाने की धमकी दी। जब श्रीवास्तव ने अपनी वृद्धावस्था का हवाला देकर मुंबई जाने से असमर्थता जतायी तब कथित अधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने का विकल्प दिया। फिर कथित अधिकारी ने श्रीवास्तव से उनके बैंक खातों का विवरण लिया।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार अदालत में श्रीवास्तव की डिजिटल पेशी का स्वांग रचा गया एवं फर्जी जांच करवायी गयी। फिर श्रीवास्तव से एक करोड़ 70 लाख रुपए अंतरित करवा लिये गये। उनसे कहा गया कि आप इस मामले की जिक्र किसी से नहीं करोगे।
पुलिस उपायुक्त के अनुसार बाद में श्रीवास्तव के बेटे को इस बात का पता चला। उन्होंने 16 सितंबर को साइबर अपराध पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज किया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी की रकम किन-किन खातों में अंतरित हुई है।


