अयोध्या में युवती की हत्या का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को लगा कि आलोक निषाद इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी है, लेकिन बाद में पता चला कि असली हत्यारा युवती का प्रेमी राजीव यादव था।
राजीव ने पुलिस को गुमराह करने के लिए युवती के फोन में कॉल फॉरवर्डिंग की सेटिंग कर रखी थी, जिससे हर कॉल आलोक निषाद के पास जाती थी। हालांकि, जब पुलिस ने युवती का मोबाइल फोन बरामद किया, जो घटनास्थल के पास ईंट के नीचे दबा हुआ था, तो कॉल फॉरवर्डिंग की सच्चाई सामने आई।
सूत्रों के अनुसार, राजीव यादव युवती की बढ़ती मांगों से परेशान था। इसी के चलते उसने युवती की हत्या की साजिश रची। हत्या से पहले राजीव ने युवती से दुष्कर्म किया और बाद में उसकी सलवार से गला कसकर हत्या कर दी।
एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि 31 अगस्त को युवती की हत्या हुई थी और तभी से जांच जारी थी। आरोपी ने पूछताछ बताया “मै सरिया गिट्टी आदि चढ़ाने का कार्य करता हूँ। मेरा और मृतका से पिछले कई महीनों फोन पर बातचीत होती थी। मृतका से मै शादी की बात करता था, तो अलग अलग जाति की बात कहकर मुझसे शादी को मना कर देती थी। इसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से हमारे बीच अनबन चल रही थी।
बीती रात दोनो गांव के बाहर आम के बाग के पास मिले थे, जहां कुछ देर बाद विवाह करने की बात किया तो मना करने लगी तो मैने शारीरिक सम्बन्ध बनाने के लिए कहा तो वो तैयार नहीं हुई, तो मैने जबरदस्ती शारीरिक सम्बन्ध बनाया। इसके साथ शराब के नशे एवं गुस्से में आकर मैने मृतका का गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गयी। उसके बाद मैने अकेले शव को ले जाकर पास के ही एक धान के खेत में डाल दिया और मृतका का मोबाइल व कपड़ा ले जाकर कुछ दूर पर फेक दिया।
जब पुलिस ने राजीव को पकड़ने के लिए घेराबंदी की, तो उसने भागने की कोशिश की। इस दौरान उसने एक दरोगा की रिवॉल्वर छीन ली। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और राजीव से पूछताछ कर रही है।
खुलासा करने वाली टीम में पंकज कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक कैण्ट, अमरेश कुमार त्रिपाठी, प्रभारी स्वाट/सर्विलांस, उ.नि. अविनाश त्रिपाठी, उ.नि. राहुल यादव, हे.का. सौरभ सिंह, सविलांस सेल, हे.कां देवाशीष सिंह, कां. अंकित राय, कां. शेखर चौरसिया, हे. का. विनय यादव, कां सुनील यादव, कां. अनन्त कुमार यादव, हे. का. ज्ञानप्रकाश यादव, हे.कां० अमित राय, कां. अजय यादव, कां. शिवम यादव, का. आनन्द प्रजापति, कां. आनन्द धर तिवारी, हे.का. ओमप्रकाश सिंह, का. रमन शर्मा शामिल रहे।


