इजराइल ने शुक्रवार को गाजा के सबसे बड़े शहर गाजा सिटी को खतरनाक युद्धक्षेत्र घोषित कर दिया और कहा कि वह योजनाबद्ध आक्रमण के ‘‘प्रारंभिक चरण’ में है। इस कदम की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की जा रही है।
इजराइली सेना ने कहा कि उसने दो बंधकों के शव बरामद किए हैं। इसके साथ ही इसने अपने सैन्य अभियान में और तेजी लाने का संकल्प लिया।
सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने कहा, ‘‘हम तब तक अपने हमले तेज करते रहेंगे जब तक कि हम सभी अपहृत बंधकों को वापस नहीं ले आते और हमास को खत्म नहीं कर देते। इजराइल ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सेना ने दो बंधकों के शव बरामद कर लिए हैं, जिनमें एक इजराइली व्यक्ति भी शामिल है, जो 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमले में मारा गया था।
There is food in Gaza.
Hamas is deliberately starving the hostages.
LET THEM GO NOW!🎗️ pic.twitter.com/cZQQjpZ2wy
— Israel ישראל (@Israel) August 28, 2025
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि किबुत्ज़ बेरी के इलान वेइस और एक अन्य अज्ञात बंधक के शव इजराइल लाए गए हैं।
गाजा सिटी, दीर अल-बलाह और मुवासी में ‘‘रणनीतिक रोक’’ लागू रही। इन तीन जगहों पर लाखों विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब इजराइल अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाने की तैयारी कर रहा है और गाजा सिटी पर कब्जा करने के लिए हजारों सैनिकों को तैनात कर रहा है।
इजराइल की सेना ने यह नहीं बताया कि उसने दिन में युद्ध शुरू करने की योजना के बारे में निवासियों या सहायता समूहों को सूचित किया है या नहीं।
इजराइल ने पहले भी कहा है कि गाजा सिटी हमास का गढ़ है जहां बारूदी सुरंगों का जाल बिछा है। यह शहर इस क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी केंद्र है।
संयुक्त राष्ट्र ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगर इजराइल अपनी योजना के अनुसार हमला करता है, तो इस क्षेत्र में अस्पतालों के बिस्तरों की आधी क्षमता खत्म हो सकती है।
संगठन ‘इंटीग्रेटेड फूड सिक्योरिटी फेज क्लासिफिकेशन’ (आईपीसी) ने कहा कि भुखमरी की समस्या लड़ाई और इजराइल द्वारा अधिकांश सहायता पर रोक लगाए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, तथा व्यापक विस्थापन और खाद्य उत्पादन में गिरावट के कारण यह समस्या और भी बढ़ गई है।
वहीं, गाजा में सक्रिय सहायता समूहों के गठबंधन का समन्वय करने वाली ‘नॉर्वेजियन रिफ्यूजी काउंसिल’ ने कहा कि इजराइल द्वारा बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की तैयारी किए जाने के कारण आपूर्ति चुनौतीपूर्ण हो गई है।


