अयोध्या के थाना खंडासा क्षेत्र में कुरावन सहकारी किसान केंद्र पर खाद वितरण के दौरान हुए हंगामे और पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना ने किसानों की समस्याओं को फिर से उजागर किया है।
विदित है, अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में यूरिया खाद की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। लाइसेंस प्राप्त दुकानदार हाशिये पर है, दुकान चलानी है तो सहकारी केंद्रों पर अपने आदमी की को लाइन लगिए।
सरकार के आदेश ने सहकारी केंद्रों पर खाद वितरण में अव्यवस्था और अपर्याप्त आपूर्ति के कारण किसानों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है। अब दुकानदार व सहकारी केंद्रों की मिली भगत से कालाबाजारी चरम पर पहुंच चुकी है।
इस स्थिति ने किसानों में असंतोष को बढ़ावा दिया है, जिसके परिणामस्वरूप इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं। लाठीचार्ज की घटना न केवल खाद की किल्लत की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासनिक अव्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई के तरीकों पर भी सवाल उठाती है।
किसान, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, उनकी मांगों को प्राथमिकता देना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।