नईदिल्ली, सदन में Operation Sindoor पर विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने कहा था कि यह भारत के ‘विजयोत्सव’ का सत्र है। जब मैं ‘विजयोत्सव’ की बात कर रहा हूं, तो मैं कहना चाहूंगा – ये ‘विजयोत्सव’ आतंकी मुख्यालय को मिट्टी में मिलाने का है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं इस सदन के समक्ष भारत का पक्ष रखने के लिए यहां खड़ा हूं। जो लोग भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, मैं उन्हें आईना दिखाने के लिए यहां खड़ा हूं।
Speaking in the Lok Sabha.
https://t.co/5YMO8qcisH— Narendra Modi (@narendramodi) July 29, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “22 अप्रैल को पहलगाम में जो क्रूर घटना घटी, जिस तरह आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी, वो क्रूरता की पराकाष्ठा थी। ये भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सोचा-समझा प्रयास था। ये भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी। आज मैं देशवासियों का धन्यवाद करता हूं कि देश ने एकजुटता के साथ उस साजिश को नाकाम कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैं 22 अप्रैल को विदेश में था। मैं तुरंत लौट आया और वापस आने के तुरंत बाद मैंने एक बैठक बुलाई और हमने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब देना है और यह हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है। ये सारी बातें उस बैठक में स्पष्ट रूप से कही गईं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है… हमें गर्व है कि आतंकवादियों को सजा दी गई, और यह ऐसी सजा थी कि आतंक के उन आकाओं की आज भी रातों की नींद उड़ी हुई है।”
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “पहलगाम आतंकवादी हमले के ठीक बाद पाकिस्तानी सेना को यह अंदाजा हो गया था कि भारत वास्तव में एक बड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने परमाणु धमकी देना शुरू कर दिया। 6-7 मई की मध्यरात्रि को, भारत ने ठीक वैसा ही कदम उठाया जैसा तय था। पाकिस्तान कुछ नहीं कर सका। हमारे सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल की घटना का बदला 22 मिनट के भीतर सटीक हमलों से ले लिया।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत ने साबित कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेलिंग अब काम नहीं आएगी और न ही भारत इस परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुकेगा। पाकिस्तान के एयरबेस और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है। और आज तक, उनके कई एयरबेस आईसीयू में हैं।
‘पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया। कोई सोच भी नहीं सकता कि कोई वहाँ तक पहुँच सकता है। बहावलपुर, मुरीदके को भी जमींदोज कर दिया गया है। हमारी सेना ने आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
तीसरा पहलू, हमने पाकिस्तान की परमाणु धमकी को झूठा साबित कर दिया है। भारत ने साबित कर दिया है कि अब परमाणु ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी और न ही भारत इस परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुकेगा।
चौथा पहलू, भारत ने अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है। उसने पाकिस्तान के सीने पर सटीक वार किया है। पाकिस्तान के एयरबेस और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है और आज की तारीख में उनके कई एयरबेस ICU में हैं।
यह तकनीक आधारित युद्ध का युग है। अगर हमने पिछले 10 सालों में की गई तैयारियों को पूरा नहीं किया होता, तो हम कल्पना कर सकते हैं कि तकनीक के इस युग में हमें कितना नुकसान हो सकता था। पाँचवां पहलू- ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए पहली बार दुनिया ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को पहचाना। भारत में बने ड्रोन, मिसाइलों ने पाकिस्तान की हथियार प्रणाली की पोल खोल दी…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” ऑपरेशन सिंदूर से यह स्पष्ट होता है कि भारत ने तीन बिंदुओं पर निर्णय ले लिया है। पहला- यदि भारत पर कोई आतंकवादी हमला होता है, तो हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर और अपने समय पर जवाब देंगे। दूसरा- अब कोई परमाणु ब्लैकमेल काम नहीं करेगा। तीसरा- हम आतंकवाद का समर्थन करने वाली सरकारों और आतंकवाद के मास्टरमाइंड को अलग-अलग नहीं देखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…अब हमले के बाद मास्टरमाइंड को नींद नहीं आती, उनको पता है भारत आएगा और मार कर जाएगा। यह नया सामान्य भारत द्वारा स्थापित किया गया है। ‘सिंदूर से लेके सिंधु तक’, हमने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत की विदेश नीति पर यहां बहुत कुछ कहा गया। वैश्विक समर्थन पर भी चर्चा हुई…हमें वैश्विक समर्थन मिला। लेकिन दुर्भाग्य से, मेरे देश के वीर जवानों के पराक्रम को कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला।
ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ” 22 अप्रैल के आतंकवादी हमले के मात्र 3-4 दिन बाद ही ये (कांग्रेस) उछल रहे थे और कहना शुरू किया कि कहां गई 56 इंच की छाती? कहाँ खो गया मोदी?, मोदी फेल हो गया…ये मजा ले रहे थे…पहलगाम के निर्दोष लोगों की हत्या में भी वो अपनी राजनीति तरास रहे थे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “…ऑपरेशन सिन्दूर जारी है। पाकिस्तान ने ‘दुस्साहस की कल्पना की तो, उसे करारा जवाब दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “10 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत हो रहे एक्शन को रोकने की घोषणा की, इसे लेकर यहां भांति भांति की बातें की गईं। ये वहीं प्रोपेगेंडा है जो सीमा पार से यहां फैलाया गया है। कुछ लोग सेना द्वारा दिए गए तथ्यों की जगह पाकिस्तान के झूठे प्रचार को आगे बढ़ाने में जुटे हुए थे, जबकि भारत का रूख हमेशा स्पष्ट रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “9 तरीख की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने का प्रयास किया, वो घंटे भर कोशिश कर रहे थे लेकिन मेरी सेना के साथ बैठक चल रही थी, तो मैं उठा नहीं पाया, लेकिन बाद में मैंने कॉल बैक किया। फिर अमेरिका के उपराष्ट्रपति जी ने मुझे बताया कि पाकिस्तान बहुत बड़ा हमला करने वाला है।
इस पर मैंने कहा कि अगर पाकिस्तान का ये इरादा है, तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, ‘हम गोली का जवाब गोले से देंंगे’।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आतंकवादी रो रहे हैं, उनके आका रो रहे हैं और उन्हें रोता देख, यहां भी कुछ लोग रो रहे हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान एक खेल खेलने की कोशिश की, वह काम नहीं आया। एयर स्ट्राइक के दौरान, उन्होंने एक और खेल खेलने की कोशिश की। वह भी काम नहीं आया। जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो उन्होंने एक नई रणनीति अपनाई – “आपने रुक क्यों दिया?”…वाह रे बयान बहादुरों! आपको विरोध करने के लिए कोई न कोई बहाना चाहिए इसलिए सिर्फ मैं ही नहीं, बल्कि पूरा देश आप पर हंस रहा है।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “एक तरफ भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं कांग्रेस मुद्दों के लिए पाकिस्तान पर निर्भर होती जा रही है। दुर्भाग्य से, कांग्रेस पाकिस्तान से मुद्दे आयात कर रही है…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “देश हैरान है कि कांग्रेस ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है। वे कह रहे हैं कि पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से थे। हमें इसका सबूत दीजिए। पाकिस्तान भी वही मांग कर रहा है जो कांग्रेस कर रही है…
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे द्वारा कल लोकसभा में दिए गए बयान पर, जिसे अब हटा दिया गया है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “…उन्हें यह कहलवाने के लिए मजबूर किया गया कि ऑपरेशन सिंदूर एक ‘तमाशा’ था। यह आतंकवादियों द्वारा मारे गए 26 लोगों के घावों पर तेजाब डालने जैसा है…”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “सेना का विरोध करना और उनके प्रति नकारात्मकता कांग्रेस का पुराना रवैया रहा है… अभी देश ने कारगिल विजय दिवस मनाया, लेकिन देश जानता है कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में और आज तक न तो कारगिल की विजय को अपनाया है, न ही कारगिल विजय दिवस मनाया है, और न ही कारगिल का गौरव किया है।
पाकिस्तान के सभी बयानों और यहां हमारा विरोध करने वालों के बयानों को उठा लीजिए, वे पूर्ण विराम और अल्पविराम के साथ बिल्कुल एक जैसे हैं… देश हैरान है कि कांग्रेस ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दे दी है। वे इस बात का सबूत मांगने की हिम्मत करते हैं कि पहलगाम के हमलावर पाकिस्तान से थे…”
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, “कल हमारे सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव चलाकर पहलगाम के हमलावरों को अंजाम तक पहुंचाया…लेकिन कल यहां पूछा गया कि आज ही क्यों हुआ, क्या ऑपरेशन के लिए सावन महीने का सोमवार ढूंढा गया था। पिछले कई सप्ताह से पूछा जा रहा था कि पहलगाम के आतंकियों का क्या हुआ और जब आतंकियों को मार गिराया गया तो कल ही क्यों हुआ… क्या हाल है इन लोगों का…”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “दुनिया के किसी भी नेता ने भारत से अपना ऑपरेशन रोकने को नहीं कहा। 9 मई की रात को अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझसे बात करने की कोशिश की। उन्होंने एक घंटे तक कोशिश की, लेकिन मैं अपनी सेना के साथ बैठक में था, इसलिए मैं उनका फोन नहीं उठा सका। बाद में मैंने उन्हें वापस कॉल किया।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने मुझे फोन पर बताया कि पाकिस्तान एक बड़ा हमला करने वाला है। मेरा जवाब था कि अगर पाकिस्तान का ये इरादा है, तो उसे बहुत महंगा पड़ेगा। अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो हम बड़ा हमला कर जवाब देंगे। आगे मैंने कहा था, ‘हम गोली का जवाब गोले से देंंगे’।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने पहले भी कहा है कि भारत युद्ध का नहीं ‘बुद्ध’ का देश है। हम समृद्धि और शांति चाहते हैं। लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि समृद्धि और शांति का रास्ता ताकत से होकर गुजरता है…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है। जो लोग आज पूछ रहे हैं कि PoK वापस क्यों नहीं लिया गया, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि किसकी सरकार ने पाकिस्तान को PoK पर कब्जा करने का मौका दिया। जवाब स्पष्ट है।
जब भी मैं नेहरू जी की चर्चा करता हूं, तो कांग्रेस और उसका पूरा इकोसिस्टम बिलबिला जाता है… ‘मैं एक शेर सुना करता था… “लम्हों ने ख़ता की और सदियों ने सज़ा पाई।” आजादी के बाद जो फैसले लिए गए, उनकी सजा देश आज तक भुगत रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कांग्रेस की कमजोर सरकारों के कारण देश को कई लोगों की जान गंवानी पड़ी, हमें अपने प्रियजनों को खोना पड़ा। आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकती थी। हमारी सरकार ने 11 साल में यह कर दिखाया, यह इसका बड़ा सबूत है…कांग्रेस के शासनकाल में आतंकवाद के फलने-फूलने का एक बड़ा कारण उनकी तुष्टिकरण की राजनीति है।


