अयोध्या, उप जिलाधिकारी रुदौली अशोक सैनी के तहसील न आने से नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार से वादकारियों व फरियादियों को मुकदमे की बिना सुनवाई जाना पड़ा।
ऐसे में तहसीलों में न्यायिक अधिकारियों तक की तैनाती की गई है। न्यायालय में बाद योजित कर विवाद का समाधान करने के लिए तहसील के चक्कर लगाने वाले वादकारी और अधिकवक्ता अधिकारियों ने न आने से हैरान है।
आम तौर पर न्यायिक कार्यों से विरत रहने वाले अधिवक्ताओं को उपजिलाधिकारी रुदौली का तहसील बीते कई दिनों से न आना अखर गया। शुक्रवार को बार एसोसिएशन की बैठक में उप जिलाधिकारी रुदौली के बीते कई दिनों से न्यायालय और तहसील मुख्यालय न आने का मुद्दा गरमा गया।
अधिवक्ताओं ने एसडीएम के कार्यालय न आने से वादकारियों और फरियादियों के निराश होकर वापस जाने का मामला उठाया। अधिवक्ताओ ने कहा कि अत्यधिक संख्या में अधिवक्ताओं की पत्रावलियां लंबित पड़ी है। पत्रावलियों के फर्द एहकाम पर हस्ताक्षर नहीं हो पा रहा है।
उप जिलाधिकारी के न आने से विभिन्न न्यायालय के आदेश की पत्रावलियों मे अमल दरामद का कार्य काफी दिनों से लावारिस अवस्था में पड़ा है। समयबद्ध तरीके से अमलदरमद तक नहीं हो पा रहा।
बार अध्यक्ष गोरखनाथ तिवारी व महामंत्री रविन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया की उपजिलाधिकारी कई दिन से लगातार नही आ रहे है। अधिवक्ताओं वादकारियों और फरियादियों में इसको लेकर नाराजगी है।


