बस्ती जिले में कोतवाली पुलिस स्टेशन में तैनात इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह द्वारा 28 अगस्त को फांसी लगाकर की गई आत्महत्या के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है।
जांच में सामने आया है कि इंस्पेक्टर किसी मानसिक बीमारी या विभागीय तनाव का शिकार नहीं थे, बल्कि वे एक शातिर ब्लैकमेलिंग गिरोह के जाल में फंसे हुए थे। पुलिस ने मामले का पर्दाफाश करते हुए मुंबई के ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटर में काम कर चुकी मुख्य आरोपी प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और एक वकील विजय प्रकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस जांच में परत-दर-परत खुली कहानी के अनुसार, प्रियंका चौधरी ने योजनाबद्ध तरीके से पहले इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह को अपने प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद उनके साथ अंतरंग पलों का अश्लील वीडियो बना लिया।
वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी महिला और उसके साथियों ने इंस्पेक्टर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा विभागीय शिकायत करने की धमकी देकर 1 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगी।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस पूरी साजिश में महिला का पिता और एडवोकेट विजय प्रकाश बराबर के साझेदार थे, जो कानूनी दांव-पेच का डर दिखाकर इंस्पेक्टर पर पैसे देने का दबाव बना रहे थे। लगातार मिल रही धमकियों, भारी रकम के दबाव और सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल होने के डर से तंग आकर अंततः इंस्पेक्टर सूर्यप्रकाश सिंह ने 28 अगस्त को फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी।
पुलिस की तफ्तीश में आरोपी प्रियंका चौधरी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। वह पहले भी कई धनाढ्य और रसूखदार लोगों को अपने जाल में फंसाकर अश्लील वीडियो के जरिए लाखों रुपये वसूल चुकी है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, रंगदारी मांगने और आत्महत्या के लिए उकसाने समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया, जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।