शाहजहांपुर जिले में पुलिस द्वारा दबिश देने के बाद आरोपी का शव पड़ोस के घर से बरामद होने के मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी की तहरीर पर लखनऊ के मलीहाबाद थाने में तैनात चार पुलिसकर्मी और निगोही थाने में कार्यरत दो पुलिसकर्मियों समेत छह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध निगोही थाने में बुधवार शाम को हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि मृतक उमेश गुप्ता की पत्नी शांति देवी ने दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि पुलिस ने दबिश के दौरान गुप्ता को छत पर ले जाकर उसे नीचे फेंक दिया जिससे उसकी मौत हो गयी।
कुमार ने बताया कि शांति देवी का यह भी आरोप है कि पुलिसकर्मी उसके पति से अवैध धन उगाही करते थे और जब उसने अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने रंजिश के चलते उसके पति की हत्या कर दी और घर में रखा जेवर साथ ले गये।
इससे पहले, बुधवार की सुबह शांति देवी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि उसे नहीं मालूम कि उसके पति की मौत कैसे हुई है, मगर इसकी जिम्मेदार पुलिस ही है।
अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लखनऊ के मलीहाबाद थाने में पिछले वर्ष चोरी का एक मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें शाहजहांपुर निवासी उमेश गुप्ता (65) आरोपी था। उन्होंने बताया कि मलीहाबाद थाने की पुलिस अदालत का वारंट लेकर शाहजहांपुर के निगोही आयी थी और स्थानीय पुलिस मलीहाबाद पुलिस के सहयोग के लिये उमेश गुप्ता के घर बुधवार तड़के तीन बजे गयी थी।
कुमार ने बताया कि मलीहाबाद की पुलिस टीम गुप्ता के घर के अंदर चली गई लेकिन वहां उन्हें आरोपी नहीं मिला लेकिन सुबह करीब सात बजे उसका शव पड़ोस में बन रहे एक मकान में मिला।
मलीहाबाद थाने के प्रभारी सुरेंद्र भाटी ने बताया कि उनके थाना क्षेत्र में वर्ष 2025 में एक चोरी हुई थी जिसमें पकड़े गये आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने 30 किलो चांदी शाहजहांपुर में सर्राफा व्यवसायी उमेश गुप्ता के यहां बेची है जिसके बाद पुलिस ने अदालत से आठ मई को वारंट हासिल किया था।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।










